ग्राम रथ अभियान: गृह राज्य मंत्री ने अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश
डीग में समीक्षा बैठक के दौरान जवाहर सिंह बेढ़म ने बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत समस्याओं को मौके पर ही दूर करने और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।

डीग स्थित पंचायत समिति सभागार में बुधवार को गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ग्राम रथ अभियान के तहत जन-समस्याओं के निस्तारण हेतु अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए।
राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ग्राम रथ अभियान को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने बुधवार को पंचायत समिति सभागार डीग में बिजली, पानी, सार्वजनिक निर्माण एवं स्वास्थ्य विभागों के अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली।
बैठक में गृह राज्य मंत्री ने स्पष्ट कहा कि विकास रथ केवल योजनाओं के प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि यह आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का एक चलता-फिरता प्रकल्प है। उन्होंने निर्देश दिए कि जहाँ-जहाँ यह रथ पहुंचे, वहाँ की सभी मूलभूत समस्याओं का उसी समय समाधान सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि आमजन को मूलभूत सुविधाओं की निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण डिलीवरी हर हाल में सुनिश्चित करनी होगी, भले ही इसके लिए अतिरिक्त समय और श्रम क्यों न देना पड़े। उन्होंने मुख्यमंत्री की मंशा स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार स्वयं जनता के दरवाजे तक पहुँच रही है और संकल्प भी वहीं समस्याओं के समाधान का है।
बैठक के दौरान जवाबदेही तय करते हुए गृह राज्य मंत्री ने साफ किया कि जन-समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी सख्ती से कार्य करें और कहीं भी कोताही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। विशेष रूप से विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी और सार्वजनिक निर्माण विभाग को ग्राम रथ अभियान के तहत समस्याओं की पहचान कर उनका तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने गृह राज्य मंत्री के निर्देशों की अनुपालना में तत्काल कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने बिजली, पानी और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आगामी 5-5 दिन का सघन प्लान तैयार कर 60-65 गांवों को टारगेट करने के निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने कहा कि विकास रथ के पहुंचने से पहले ही इन गांवों में पेयजल की समस्या, ट्रांसफार्मर की खराबी, ढीले बिजली के तार, फॉल्ट की समस्याएं और सड़कों के पैच वर्क सहित सभी आवश्यक कार्य योजनाबद्ध तरीके से पूर्ण किए जाएं, ताकि रथ के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों को मूलभूत समस्याओं से पूरी तरह राहत मिल सके।
बैठक में उपखंड अधिकारी देवीप्रसाद मीना, उपखंड अधिकारी अमित मीना, अधीक्षण अभियंता बी.एल. वर्मा, अधीक्षण अभियंता इशू नारंग, अधीक्षण अभियंता पवन सोलंकी, भाजपा वरिष्ठ नेता सतीश बंसल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। यह अभियान प्रशासनिक जवाबदेही, त्वरित कार्यवाही और जनसेवा की नई कार्यसंस्कृति को स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
