468 वर्ष पुरानी मुड़िया शोभायात्रा का गोवर्धन में भव्य शुभारंभ, हरिनाम संकीर्तन से गूंज उठी गिरिराज नगरी
गोवर्धन में मुड़िया पूर्णिमा पर 468 वर्ष पुरानी परंपरा के तहत मुड़िया शोभायात्रा का भव्य शुभारंभ हुआ। देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने हरिनाम संकीर्तन के साथ परिक्रमा की।

गोवर्धन में मुड़िया शोभायात्रा के दौरान ढोल-मंजीरा बजाते और संकीर्तन करते हुए साधु-संत।
गोवर्धन स्थित श्री गिरिराज महाराज की पावन धरा पर मुड़िया पूर्णिमा के पावन अवसर पर परंपरागत मुड़िया शोभायात्रा का भव्य और श्रद्धापूर्ण माहौल में शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर देश-विदेश से आए अनगिनत साधु-संतों और ब्रजवासियों ने शोभायात्रा में भाग लेकर आस्था और भक्ति का अद्भुत स्वरूप प्रस्तुत किया।
शोभायात्रा के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए संत ने बताया कि मुड़िया शोभायात्रा का इतिहास लगभग 468 वर्ष पुराना है। इसकी शुरुआत सन् 1558 (संवत 1615) में हुई थी, जब श्री सनातन गोस्वामी जी का गोलोकवास हुआ था। उन्होंने बताया कि उस समय श्री सनातन गोस्वामी जी के विरह में समस्त साधु-संतों और ब्रजवासियों ने अपने सिर मुंडवाकर (मुड़िया होकर) उनका पूजन-अर्चन किया था तथा उन्हें डोली में सजाकर परिक्रमा यात्रा निकाली थी।
संत ने बताया कि तभी से मुड़िया शोभायात्रा की यह परंपरा निरंतर चली आ रही है, जिसे आज भी संत-महंत और श्रद्धालु पूरी निष्ठा एवं भक्ति भाव के साथ निभा रहे हैं। यह परंपरा वर्षों से श्रद्धा और आस्था के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है।
शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और साधु-संतों की संख्या का कोई निश्चित अनुमान लगाना कठिन बताया गया। संत के अनुसार ठाकुर जी की कृपा से देश-विदेश से भारी संख्या में भक्त गोवर्धन पहुंचे हैं। श्रद्धालु ढोल, मृदंग और मंजीरों की ताल पर नाचते-गाते, झूमते तथा हरिनाम का संकीर्तन करते हुए गिरिराज जी की परिक्रमा लगा रहे हैं।
मुड़िया शोभायात्रा के दौरान संपूर्ण गोवर्धन नगरी राधा-कृष्ण और गिरिराज महाराज के जयकारों से गुंजायमान हो उठी। देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं की आस्था और संतों की सहभागिता के साथ परंपरागत शोभायात्रा ने एक बार फिर अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक परंपरा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
