राज्य सरकार के निर्देशानुसार जल संरक्षण को सशक्त जन-आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से संचालित वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अंतर्गत जिले में विकसित जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन के नवाचारों को प्रदर्शित करने के लिए विशेष मीडिया विजिट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जल संरक्षण के क्षेत्र में हुए सफल और अनुकरणीय कार्यों की सफलता की कहानियों को मीडिया के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना रहा, ताकि आमजन और कृषक वर्ग इन प्रयासों से प्रेरित होकर जल सहेजने की मुहिम में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।

मीडिया भ्रमण के दौरान पत्रकारों के दल को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विकसित उत्कृष्ट जल संग्रहण संरचनाओं का अवलोकन कराया गया। भ्रमण कार्यक्रम के तहत मीडिया प्रतिनिधियों ने आरटीडब्ल्यूएचएस लवकुश वाटिका बदनगढ़, आरटीडब्ल्यूएचएस सिनसिनी, फार्म पॉन्ड पला, फार्म पॉन्ड गांगरसोली तथा रिचार्ज शाफ्ट सिनसिनी का दौरा किया और वहां संचालित कार्यप्रणाली तथा उनके सकारात्मक परिणामों की जानकारी प्राप्त की।

विजिट के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि धरातल पर दिखाई दे रहे ये सभी महत्वपूर्ण कार्य राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत निष्पादित किए गए हैं, जिन्होंने ग्रामीण क्षेत्र के परिदृश्य में व्यापक बदलाव लाया है। इस अवसर पर जलग्रहण विभाग के कनिष्ठ अभियंता शिव शंकर ने मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए इन संरचनाओं के तकनीकी और व्यावहारिक लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत निर्मित फार्म पॉन्ड्स का मुख्य उद्देश्य बरसात के शुद्ध पानी का अधिकतम संग्रहण करना है। क्षेत्र का भूजल खारा होने के कारण यह खेती के लिए पूर्णतः अनुकूल नहीं है, ऐसे में वर्षा जल का संग्रहित मीठा पानी फसलों, बागवानी और शोधन के बाद पेयजल के रूप में भी उपयोगी साबित हो रहा है। शुद्ध जल की उपलब्धता से पौधों का विकास बेहतर और तेजी से हो रहा है, जिससे कृषि उत्पादन क्षमता में भी सकारात्मक सुधार दर्ज किया गया है।

कनिष्ठ अभियंता शिव शंकर ने कहा कि जागरूक किसान अब उन्नत कृषि तकनीकों को तेजी से अपना रहे हैं। किसानों द्वारा सोलर पंप और ड्रिप इरिगेशन पद्धति का उपयोग किया जा रहा है। ड्रिप सिस्टम के माध्यम से पारंपरिक सिंचाई की तुलना में केवल 10 प्रतिशत पानी में सिंचाई संभव हो रही है, जिससे 90 प्रतिशत तक जल की बचत हो रही है। उन्होंने बताया कि इस वैज्ञानिक पद्धति के जरिए उर्वरक सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचता है, जिससे उर्वरक का अपव्यय रुकता है और फसल उत्पादन उत्कृष्ट बना रहता है।

वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत डीग जिले में विकसित ये जल संरक्षण मॉडल अब ग्रामीण विकास, जल प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रभावी समन्वय का उदाहरण बनकर उभर रहे हैं। जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों के लिए ये प्रयास भविष्य की टिकाऊ जल व्यवस्था और कृषि सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माने जा रहे हैं।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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