डीग। आध्यात्मिक चेतना के पुंज और आधुनिक भारत के निर्माता स्वामी विवेकानंद की 164वीं जयंती सोमवार को डीग ब्लॉक के पीएम श्री श्रीमती शीला जोशी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बहज में 'राष्ट्रीय युवा दिवस' के रूप में अत्यंत भव्यता के साथ मनाई गई। युवा जागृति मंच बहज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस गरिमामयी समारोह ने न केवल विद्यार्थियों के कौशल को मंच दिया, बल्कि स्वदेशी और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को भी नई धार प्रदान की। शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित इस उत्सव में समूचा विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति के ज्वार और विवेकानंद के आदर्शों से सराबोर नजर आया।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ करते हुए विद्यालय के प्राचार्य मुकुट बिहारी शर्मा ने बताया कि इस आयोजन का मूल उद्देश्य नई पीढ़ी को 'रन फॉर स्वदेशी' जैसी गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न से जोड़ना है। उन्होंने युवाओं में अनुशासन, शारीरिक स्वास्थ्य, टीम भावना और स्वरोजगार की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और विद्यार्थियों को स्वावलंबन की राह दिखाते हैं। उत्सव के दौरान आयोजित भाषण, चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने अपनी मेधा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विजेता प्रतिभागियों को विद्यालय परिवार द्वारा पारंपरिक राजस्थानी साफा, माला और पटका पहनाकर सम्मानित किया गया, जो उनकी उपलब्धि के गौरव को और बढ़ा रहा था।

समारोह में 'युवा जागृति मंच' के संयोजक मुकेश कुमार ने एक प्रेरणादायी मिसाल पेश की। उन्होंने पिछले एक वर्ष के दौरान शैक्षणिक, सह-शैक्षणिक, खेल, विज्ञान और साहित्यिक क्षेत्रों में परचम लहराने वाले मेधावियों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले युवाओं का सार्वजनिक अभिनंदन किया। मुकेश कुमार ने सफल उम्मीदवारों को स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा भेंट कर और साफा-पटका पहनाकर सम्मानित करते हुए उपस्थित जनसमूह से विवेकानंद को अपना आदर्श मानने का आह्वान किया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। विद्यालय की छात्रा संध्या, मनीषा, शालिनी और एकता ने अपनी ओजस्वी वाणी में देशभक्ति गीतों और प्रभावी भाषणों के माध्यम से उपस्थित युवाओं को निष्ठा, समर्पण और कठोर परिश्रम के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। वहीं, विद्यालय के कार्मिक सत्येंद्र पाल सिंह ने स्वरचित देशभक्ति गीत से जोश भरा, तो वरिष्ठ अध्यापिका पूनम शर्मा ने अपनी मर्मस्पर्शी कविता के माध्यम से स्वामी जी के जीवन मूल्यों को अपनाने पर बल दिया।

व्याख्याता प्रहलाद सिंह ने अपने कुशल मंच संचालन से कार्यक्रम की निरंतरता और उत्साह को अंत तक बनाए रखा। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए क्षेत्र के गणमान्य नागरिक भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिनमें रामेश्वर सिंह ठाकुर, दिनेश कुमार, रौदान सिंह गिरदावर, राजेश कुंतल, विवेक फौजदार, ईश्वर सिंह मेंबर, भवानी शंकर, गजेन्द्र सिंह, कुलदीप सिंह, चेतना गौड़, हेमंत कौर और हरिओम शर्मा सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल थे। आयोजन का समापन राष्ट्र के प्रति सेवा के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिसने यह स्पष्ट कर दिया कि बहज की माटी से निकले ये युवा भविष्य के भारत की सुदृढ़ नींव बनेंगे।

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