डीग 2 फरवरी: विद्या भारती संस्थान की योजना के अनुसार डीग और कामां संकुल के आचार्यों का एक दिवसीय संगीत अभ्यास वर्ग बालिका उच्च प्राथमिक आदर्श विद्या मंदिर डीग में लगाया गया।


प्रशिक्षण का उद्देश्य और नेतृत्व

डीग संकुल के संकुल प्रमुख उदय सिंह ने बताया कि—

"विद्या मंदिरों में आचार्य के कौशल विकास हेतु विभिन्न प्रकार के अभ्यास वर्ग लगाए जा रहे हैं, जिससे वह बच्चों में नए-नए प्रकार के कौशल विकास कर सकें।"

यह प्रशिक्षण बालिका आदर्श विद्या मन्दिर डीग के प्रधानाचार्य राजेश कुमार शर्मा ने दिया।


अभ्यास के मुख्य बिंदु

  • दैनिक विद्यालय में होने वाली वंदना का अभ्यास।
  • मंत्रों का अभ्यास।
  • मासिक गीतों का अभ्यास।

सहभागिता एवं उपस्थिति

इस प्रशिक्षण वर्ग में कुल 43 आचार्य आचार्याओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन के अवसर पर निम्नलिखित गणमान्य जन उपस्थित रहे:

  • लक्ष्मी नारायण जोशी
  • दीनदयाल शर्मा
  • नेमीचंद
Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

Next Story