राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले में संचालित 'वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026' इस समय ग्रामीण विकास और स्वावलंबन का एक सशक्त व क्रांतिकारी माध्यम बनकर उभर रहा है। इस महाभियान के अंतर्गत जहां एक ओर जल एवं पर्यावरण संरक्षण के उत्कृष्ट कार्य युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी अभूतपूर्व कदम उठाए जा रहे हैं। इसी सकारात्मक पहल के फलस्वरूप जिले की ग्रामीण महिलाएं राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) से जुड़कर सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं, जिससे ग्रामीण अंचल में एक बड़ा सामाजिक और आर्थिक बदलाव देखा जा रहा है।

इस मुहिम के तहत ग्रामीण सशक्तीकरण की एक बेहद प्रेरक और सफल कहानी डीग जिले के बहताना की निवासी रीना कुमारी सैनी की सामने आई है। वन्दे गंगा अभियान के तहत जारी ग्रामीण सशक्तीकरण की मुहिम से प्रेरित होकर रीना ने स्वयं को राजीविका से जोड़ा और आज वे ग्रामीण अंचल में वित्तीय साक्षरता की एक अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी बन चुकी हैं। अपने अनुभवों को साझा करते हुए रीना ने बताया कि वे अपने गांव के 'ओम शांति राजीविका स्वयं सहायता समूह' की एक सक्रिय सदस्य हैं और वर्तमान में इसमें बीके के पद पर अपनी सेवाएं पूरी निष्ठा से दे रही हैं। इसके अतिरिक्त, वे 'ज्योति राजीविका महिला ग्राम संगठन' से भी मजबूती से जुड़ी हुई हैं, जहां वे वीओए के दायित्व का पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन कर रही हैं।

अपने कौशल विकास और आजीविका संवर्धन की दिशा में निरंतर कदम बढ़ाते हुए रीना ने राजीविका के माध्यम से बैंक सखी का विशेष तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस सघन व तकनीकी प्रशिक्षण के उपरांत वर्तमान में वे एक कुशल बैंक सखी के रूप में कार्यरत हैं और दूरदराज के ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं से सीधे जोड़ने का उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं। रीना ने बताया कि बैंक सखी के पद पर कार्य करते हुए उन्हें हर स्तर पर सकारात्मक सहयोग प्राप्त हुआ है, जिससे न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि वे आर्थिक रूप से भी पूर्णतः आत्मनिर्भर हो गई हैं। अपनी इस उल्लेखनीय सफलता, आर्थिक सुदृढ़ीकरण और आजीविका के नए एवं सम्मानजनक अवसर प्रदान करने के लिए उन्होंने राजस्थान सरकार और राजीविका का हृदय से आभार व्यक्त किया है। यह सफलता दर्शाती है कि वन्दे गंगा अभियान केवल पर्यावरण सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण जीवन को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने वाला एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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