डीग में नगरीय निकाय चुनाव की तैयारी तेज, 91 पीठासीन व 90 मतदान अधिकारियों को प्रशिक्षण
डीग में नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 को लेकर मतदान दलों का प्रथम प्रशिक्षण आयोजित हुआ। जिला निर्वाचन अधिकारी मयंक मनीष ने पारदर्शी मतदान, ईवीएम प्रोटोकॉल और रवानगी प्रक्रिया को लेकर जरूरी निर्देश दिए।

तस्वीर में डीग स्थित मास्टर आदित्येन्द्र जी महाविद्यालय के सभागार में आयोजित नगरीय निकाय चुनाव प्रशिक्षण सत्र के दौरान बैठे हुए अधिकारी और मतदान कर्मी दिखाई दे रहे हैं।
डीग, 01 सितम्बर। आगामी नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं त्रुटिरहित संपन्न कराने की दिशा में जिला निर्वाचन कार्यालय, डीग ने मंगलवार को मतदान दलों के पीठासीन अधिकारी एवं मतदान अधिकारी प्रथम का प्रथम प्रशिक्षण आयोजित किया। प्रशिक्षण मास्टर आदित्येन्द्र जी महाविद्यालय डीग के सभागार में हुआ।
प्रशिक्षण सत्र में जिला निर्वाचन अधिकारी मयंक मनीष ने उपस्थित कार्मिकों को संबोधित करते हुए निर्वाचन प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता के साथ निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुरूप संपादित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदान दल चुनाव प्रणाली की सबसे महत्वपूर्ण धुरी हैं और उनके दायित्वों का निर्वहन निष्पक्ष एवं त्रुटिरहित निर्वाचन के लिए अहम है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदान रवानगी कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 9 तारीख के मतदान के लिए संबंधित नगर पालिकाओं के मतदान दलों को 8 तारीख को तथा 11 तारीख के मतदान के लिए दलों को 10 तारीख को आरओ मुख्यालय से रवाना किया जाएगा। उन्होंने कार्मिकों को निर्देश दिए कि रवानगी स्थल पर चुनाव किट, वैधानिक एवं गैर-वैधानिक प्रपत्र, आवश्यक स्टेशनरी एवं ईवीएम का भली-भांति मिलान करने के बाद ही मतदान केंद्र के लिए प्रस्थान करें।
उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों पर ऐसी आदर्श व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, जिससे मतदाता पूरी सहजता, शांति और सुगमता के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। ईवीएम संचालन के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी आने की स्थिति में प्रोटोकॉल के अनुसार त्वरित रिप्लेसमेंट तथा रिजर्व मतदान दलों के समन्वय से संबंधित प्रक्रिया भी कार्मिकों को विस्तार से समझाई गई।
कार्मिकों को संबोधित करते हुए मयंक मनीष ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित किसी भी शंका या संशय का प्रशिक्षण के दौरान ही समाधान कर लें। उन्होंने कार्मिकों को निर्देशित किया कि मास्टर ट्रेनर्स से बार-बार पूछकर प्रत्येक प्रक्रिया को पूरी तरह समझें, ताकि वास्तविक मतदान दिवस पर किसी प्रकार की त्रुटि की स्थिति न बने।
इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी देवेन्द्र परमार ने सभी कार्मिकों से निष्ठापूर्वक दायित्व निर्वहन करते हुए निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने का आह्वान किया और धन्यवाद ज्ञापित किया।
प्रशिक्षण सत्र में मास्टर ट्रेनर के रूप में व्याख्याता प्रेमचंद शर्मा खोहरी, व्याख्याता ओमप्रकाश महात्मा गांधी स्कूल, डीग, प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के सहायक प्रभारी रेवती प्रसाद शर्मा सहित अन्य दक्ष प्रशिक्षकों ने पीठासीन अधिकारियों एवं मतदान अधिकारियों को व्यावहारिक और प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में कुल 91 पीठासीन अधिकारी तथा 90 मतदान अधिकारी प्रथम उपस्थित रहे। इस प्रशिक्षण के माध्यम से मतदान दलों को आगामी नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 में निर्धारित प्रक्रियाओं और जिम्मेदारियों के अनुरूप कार्य करने के लिए तैयार किया गया।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
