डीग: कठपुतली के धागों से गूंजा साक्षरता का संदेश, नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जागरूकता अभियान का आगाज़
डीग के बालिका सीनियर सेकेंडरी स्कूल में नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जागरूकता अभियान का सफल आयोजन हुआ। ब्लॉक समन्वयक भगत सिंह तंवर की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में सीकर के विकास भाटी ग्रुप ने कठपुतली कला के जरिए जल प्रदूषण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक समस्याओं पर प्रभावी प्रहार किया। शिक्षा और समाज सुधार के इस अनूठे संगम की विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

डीग। शिक्षा और जागरूकता की नई अलख जगाने के ध्येय के साथ सोमवार, 12 जनवरी को डीग के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक भव्य साक्षरता जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 'नवभारत साक्षरता कार्यक्रम' के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लॉक समन्वयक साक्षरता भगत सिंह तंवर ने की। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य न केवल साक्षरता के महत्व को रेखांकित करना था, बल्कि विभिन्न सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जनमानस को लामबंद करना भी रहा।
कार्यक्रम के दौरान राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत 'कठपुतली कला' का अद्भुत संगम देखने को मिला। सीकर से विशेष रूप से आमंत्रित विकास भाटी ग्रुप के कलाकारों ने अपनी जीवंत और मर्मस्पर्शी प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। कठपुतली के धागों के माध्यम से कलाकारों ने जल प्रदूषण और वायु प्रदूषण जैसे गंभीर पर्यावरणीय मुद्दों पर प्रहार किया, तो वहीं 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' और 'दहेज प्रथा' जैसी सामाजिक चुनौतियों के समाधान का मार्ग भी दिखाया। सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण 'पढ़ना-लिखना' और 'नवभारत साक्षरता अभियान' पर आधारित नाटक रहा, जिसने शिक्षा को जीवन का आधार बताया।
इस गरिमामयी अवसर पर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय प्रबुद्धजनों की सक्रिय सहभागिता रही। विद्यालय की प्रधानाचार्य सुमित्रा धंधेल के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में अध्यापिका अनीता बाई राघव, गिरेश शर्मा, जितेंद्र सिंह और सत्य प्रकाश शर्मा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि साक्षरता केवल अक्षरों का ज्ञान नहीं, बल्कि एक सशक्त समाज के निर्माण की पहली सीढ़ी है।
सांस्कृतिक माध्यमों से दी गई इन प्रस्तुतियों ने छात्राओं और ग्रामीणों के मन-मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव छोड़ा। कार्यक्रम के समापन पर ब्लॉक समन्वयक भगत सिंह तंवर ने कहा कि कला के माध्यम से दी गई शिक्षा अधिक प्रभावी और स्थायी होती है। यह आयोजन डीग ब्लॉक में साक्षरता की दर को बढ़ाने और सामाजिक बुराइयों को जड़ से मिटाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। अंततः, सामूहिक प्रयासों और जन-भागीदारी के संकल्प के साथ इस सफल कार्यक्रम का समापन हुआ।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
