2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के सेवा अधिकारों और भविष्य को लेकर उत्पन्न चिंताओं के बीच अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के बैनर तले गुरुवार को डीग में शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान और प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए और जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

सुबह 11 बजे तक शिक्षक किशन लाल जोशी विद्यालय, डीग के बाहर एकत्रित हुए, जहां से रैली के रूप में जिला कलेक्ट्रेट तक पहुंचे। कार्यक्रम का नेतृत्व जिलाध्यक्ष अनिल सीही और जिला मंत्री देवेन्द्र यादव ने संयुक्त रूप से किया। ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों ने 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के सेवा हितों की रक्षा के लिए विधायी हस्तक्षेप की मांग उठाई।

जिलाध्यक्ष अनिल सीही ने बताया कि राजस्थान सहित देशभर के लाखों शिक्षकों में वर्तमान समय में गहरी चिंता, पीड़ा और असुरक्षा की भावना व्याप्त है। उन्होंने कहा कि 23 अगस्त 2010 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को न्यूनतम अर्हता के रूप में अधिसूचित किया गया था। इससे पूर्व विभिन्न राज्यों में उस समय लागू नियमों, योग्यता मानदंडों और चयन प्रक्रियाओं के अनुसार लाखों शिक्षकों की नियुक्तियां विधिवत रूप से की जा चुकी थीं।

उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने 29 मई 2026 को पुनर्विचार याचिकाओं का निस्तारण करते हुए 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए भी टीईटी की अनिवार्यता लागू करने का निर्णय दिया है। इस निर्णय के बाद ऐसे शिक्षकों के सामने सेवा में बने रहने के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना आवश्यक हो गया है। शिक्षकों का कहना है कि यदि वे टीईटी उत्तीर्ण नहीं कर पाए तो उनकी सरकारी सेवा प्रभावित हो सकती है, जिससे व्यापक स्तर पर असमंजस और चिंता की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

महासंघ ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त किया जाए। साथ ही उनकी सेवा, वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य सेवा लाभों को पूर्ण संरक्षण प्रदान किया जाए। संगठन ने यह भी मांग उठाई कि आवश्यकता होने पर संसद में उपयुक्त विधायी संशोधन अथवा विशेष प्रावधान लाकर इस वर्ग के शिक्षकों को स्थायी राहत दी जाए तथा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर शिक्षकों में व्याप्त असुरक्षा और भ्रम की स्थिति का तत्काल समाधान किया जाए।

जिला मंत्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि यह आंदोलन केवल शिक्षकों का मुद्दा नहीं है, बल्कि उनके परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के वैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय विधिक और प्रशासनिक व्यवस्था का स्थापित सिद्धांत है कि कोई भी नियम, अधिसूचना या नीति सामान्यतः उसके लागू होने की तिथि से प्रभावी होती है। पूर्व में विधिवत सम्पन्न नियुक्तियों और अर्जित सेवा अधिकारों पर बाद में बनाए गए पात्रता मानदंडों को लागू करना प्राकृतिक न्याय, समानता और विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं माना जाता।

प्रदर्शन में डीग जिले के सभी छह खंडों से सैकड़ों शिक्षकों ने भाग लिया। इस अवसर पर संभाग संयुक्त मंत्री पदम सिंह, सौरभ शर्मा, पुष्पेंद्र सिंह, नरेश यादव, वंशीलाल, जगवीर सिंह, जयसिंह कुंतल, होशियार सिंह, भगत सिंह, संतोष कश्यप, प्रीति खंडेलवाल, सुनीता, रेखा अग्रवाल, सीमा गुप्ता सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।

शिक्षकों का यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय को लेकर देशभर में चर्चा जारी है। ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों ने केंद्र सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग करते हुए अपने सेवा अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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