डीग: श्रीमद् भागवत ज्ञान, भक्ति और वैराग्य का अनुपम संगम, महंत मुरारी लाल पाराशर ने सुनाई कृष्ण जन्म की कथा
डीग के कामां रोड स्थित धर्मशाला में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर महंत मुरारी लाल पाराशर ने कृष्ण जन्म की कथा का प्रसंग सुनाते हुए मानवता, भक्ति और वैराग्य का मार्ग प्रशस्त किया। क्या आप जानते हैं कलयुग में मुक्ति का उत्तम साधन क्या है?

डीग में लाला मुरारी लाल अग्रवाल स्मृति धर्मशाला में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन व्यास पीठ पर विराजमान महंत मुरारी लाल पाराशर प्रसंग सुनाते हुए।
डीग के कामां रोड स्थित लाला मुरारी लाल अग्रवाल स्मृति धर्मशाला एवं सेवा संस्थान ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का चतुर्थ दिवस भक्तिमय माहौल के बीच संपन्न हुआ। कथा के दौरान व्यास पीठ पर विराजमान लक्ष्मण मंदिर के महंत एवं कथा प्रवक्ता पंडित मुरारी लाल पाराशर ने कृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत वेदरुपी वृक्ष का पका हुआ फल है, जिसे पिपासु बनकर ही ग्रहण करना चाहिए। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब मन अशुद्ध होता है तो वह सांसारिक मोह-माया में लिप्त रहता है, किंतु मन की शुद्धि होने पर ही वह केवल भगवान की कथा में रमण करता है।
पंडित पाराशर ने मानवता के मर्म को समझाते हुए कहा कि वास्तविक मानव वही है जो दूसरों के काम आए, बड़ों का सम्मान करे और किसी को कष्ट न पहुँचाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि व्यक्ति संसार में केवल अपने कर्म लेकर आता है, इसलिए सदैव अच्छे कर्मों को प्राथमिकता देनी चाहिए। कथा प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि भागवत का अर्थ ही ज्ञान, भक्ति और वैराग्य है, और इन तीनों के अभाव में ईश्वर की प्राप्ति संभव नहीं है। धन के अहंकार को मिटाने के लिए भागवत श्रवण को उन्होंने अचूक साधन बताया। कलयुग में मुक्ति पाने के लिए भगवान के नाम का सुमिरन और उनकी कथा को केवल सुनने ही नहीं, बल्कि उसे अपने जीवन में उतारने का भी आह्वान किया। अंत में उन्होंने कहा कि प्रभु का वास हमारे भीतर ही है, जिसे केवल शुद्ध अंतःकरण से ही तलाशा जा सकता है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
