ब्रह्म ज्ञान और भक्ति के संगम से गूँजा डीग: श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर उमड़ा आस्था का सैलाब
पुरुषोत्तम मास के पावन पर्व पर डीग में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में पंडित मुरारी लाल पाराशर ने सृष्टि रचना और भक्त ध्रुव-प्रह्लाद के चरित्र से धर्मप्रेमियों को ओतप्रोत किया। क्या है जीवन में भक्ति के विस्तार का गूढ़ रहस्य? जानें इस विस्तृत रिपोर्ट में।

डीग, 10 जून: पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर डीग के कामां रोड स्थित लाला वाला कुंडा पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का दूसरा दिन भक्ति, ज्ञान और अध्यात्म के अनुपम संगम के रूप में साक्षी बना। लाल मुरारी लाल अग्रवाल स्मृति धर्मशाला एवं सेवा संस्थान ट्रस्ट और अग्रवाल समाज, डीग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में लक्ष्मण मंदिर के महंत एवं कथा प्रवक्ता पूज्य पंडित मुरारी लाल पाराशर ने धर्मप्रेमियों को सृष्टि के सृजन और भक्त प्रह्लाद व ध्रुव के चरित्र का रसपान कराया।
कथा के द्वितीय सोपान में व्यासपीठ से संबोधित करते हुए पंडित मुरारी लाल पाराशर ने विस्तार से बताया कि किस प्रकार ब्रह्मा जी ने भगवान नारायण के आदेशानुसार सृष्टि की रचना का कार्य आरंभ किया। उन्होंने मनु और उनकी संतानों की उत्पत्ति से जुड़े पौराणिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए सृष्टि निर्माण के आध्यात्मिक रहस्यों को उजागर किया। कथा के दौरान उन्होंने भक्त ध्रुव और भक्त प्रह्लाद के चरित्रों का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि अटूट श्रद्धा, दृढ़ संकल्प और प्रभु के प्रति पूर्ण समर्पण ही जीवन के समस्त कष्टों को दूर करने का एकमात्र मार्ग है। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि जिस प्रकार बालक ध्रुव ने कठिन तपस्या के माध्यम से भगवान का साक्षात्कार किया और विपरीत परिस्थितियों में भी भक्त प्रह्लाद ने प्रभु का स्मरण नहीं छोड़ा, वह निष्काम भक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है जो आज भी मानवता के लिए अनुकरणीय है।
पंडित पाराशर ने उपस्थित श्रोताओं को जीवन में विनम्रता और विवेक के साथ कथा श्रवण करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक वृक्ष धीरे-धीरे बढ़ता है, उसी तरह मनुष्य के भीतर भक्ति का विस्तार निरंतर होना चाहिए। उन्होंने कलयुग के संदर्भ में भगवान के नाम स्मरण और सत्संग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संसार की प्रत्येक वस्तु में ईश्वर की सत्ता व्याप्त है, और केवल भक्ति के माध्यम से ही मनुष्य अपने जीवन को सफल व सार्थक बना सकता है। यह कथा ज्ञान यज्ञ क्षेत्र में व्याप्त धार्मिक चेतना को नई दिशा दे रहा है, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होकर धर्म लाभ उठा रहे हैं।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
