डीग लक्ष्मण मंदिर में शिव महापुराण कथा: शिव भक्ति से मुक्ति का बताया मार्ग
डीग लक्ष्मण मंदिर में शिव महापुराण कथा के सातवें दिन पंडित मुरारी लाल पाराशर ने शिव भक्ति और मुक्ति का महत्व बताया।

तस्वीर में डीग के ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर में आयोजित शिव महापुराण कथा के दौरान पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु और व्यासपीठ पर मौजूद भागवताचार्य नजर आ रहे हैं।
डीग। ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर पर आयोजित 11 दिवसीय श्री शिव महापुराण एवं पार्थिव शिवलिंग महोत्सव के सातवें दिन शुक्रवार को व्यासपीठ से पूज्य भागवताचार्य पंडित मुरारी लाल पाराशर ने शिव भक्ति के महत्व को बताते हुए कहा कि जो मनुष्य स्वयं को शिव भक्ति में अर्पित कर देता है, वह जन्म-मरण के बंधनों से मुक्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि जीवन नश्वर है और जीवन की सार्थकता शिव की भक्ति में ही निहित है।
कथा के दौरान पंडित मुरारी लाल पाराशर ने कहा कि कलयुग में शिव महापुराण की कथा मुक्ति का सबसे सरल साधन है। जो व्यक्ति शिव की कथा का श्रवण करता है, उसके सात जन्मों के पाप भी समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने महादेव की भक्ति करने और उन्हें प्रसन्न करने के उपाय भी बताए।
उन्होंने कहा कि भक्तों की भक्ति से शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवताओं में भगवान शिव प्रमुख हैं और शिव ही कल्याण करते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से शिव की भक्ति कर संसार रूपी भवसागर को पार कर जीवन को सार्थक बनाने का आह्वान किया।
पूज्य पंडित पाराशर ने शिव परिवार का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान शिव का वाहन नंदी, मां पार्वती का वाहन शेर, गणेश जी का वाहन मूषक और कार्तिकेय का वाहन मोर है। उन्होंने कहा कि सभी विपरीत विचारधाराओं के बीच सामंजस्य बनाए रखना शिव पुराण की प्रमुख सीख है।
कथा में गणेश जी और कार्तिकेय के विवाह प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि दोनों भाइयों में विवाद हुआ कि सबसे पहले विवाह किसका होगा। इस विवाद को लेकर दोनों भाई अपने माता-पिता भगवान शंकर और माता पार्वती के पास पहुंचे। तब भगवान शंकर और पार्वती ने कहा कि जो इस पृथ्वी की परिक्रमा सबसे पहले करके आएगा, उसका विवाह पहले होगा।
पंडित पाराशर ने बताया कि यह वचन सुनकर स्वामी कार्तिकेय अपने वाहन मोर पर बैठकर पृथ्वी की परिक्रमा के लिए चले गए। वहीं गणेश जी ने विचार किया कि उनका वाहन चूहा है, जो उनका भार कैसे सहन करेगा। गणेश जी बुद्धि के सबसे बड़े देवता हैं, इसलिए उन्होंने अपने माता-पिता की परिक्रमा कर राम नाम लिख दिया। भगवान शंकर और माता पार्वती समझ गए कि गणेश जी बुद्धि के प्रधान हैं, इसलिए उनका विवाह पहले किया जाए। इसके बाद गणेश जी का विवाह रिद्धि-सिद्धि के साथ हुआ और उनके दो पुत्र शुभ और लाभ हुए।
इस अवसर पर बाबा शिवराम दास जी महाराज, कृष्णा बाबा, पूर्व जिला न्यायाधीश केदार लाल गुप्ता, एडवोकेट पंकज भूषण गोयल, बबलू सौनी, मालती गुप्ता, कृष्णा सौनी, एडवोकेट मोहिनी गोयल, ममता बंसल, लक्ष्मी तमोलिया, आशा सेठी, बबीता गांधी, राज रानी गुप्ता, सुधा वर्मा, बबली खण्डेलवाल सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष भक्त उपस्थित रहे।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
