डीग, 30 जुलाई। डीग जिले के गांव सेत से सिनसिनी गांव तक वर्षों से जर्जर पड़ी सड़क के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सेत चौराहे पर धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं युवाओं ने धरने में भाग लेकर सड़क निर्माण की मांग उठाई। धरना स्थल पर पहुंचे तहसीलदार एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सहायक अभियंता (एईएन) को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की गई।

धरने में मौजूद महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष एडवोकेट श्वेता यादव एवं मनुदेव सिनसिनी ने कहा कि सेत से सिनसिनी, मुकुंदपुर और सितारा गांव की सड़क लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। इसके कारण ग्रामीणों, किसानों, विद्यार्थियों, महिलाओं और मरीजों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण आवागमन अत्यंत कठिन हो जाता है तथा कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना था कि यह सरकार और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न है तथा जनता को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष एडवोकेट श्वेता यादव ने कहा कि सेत से सिनसिनी तक की सड़क लंबे समय से क्षतिग्रस्त है, लेकिन सार्वजनिक निर्माण विभाग की लापरवाही के कारण इस सड़क का अब तक न तो मरम्मत कार्य किया गया और न ही पुनर्निर्माण कराया गया। उन्होंने कहा कि जर्जर सड़क के कारण आए दिन ग्रामीण दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता देते हुए तत्काल शुरू कराने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

धरने के पश्चात तहसीलदार एवं पीडब्ल्यूडी के एईएन को ज्ञापन सौंपा गया। अधिकारियों ने ग्रामीणों की मांगों पर दो दिन में सड़क निर्माण की कार्रवाई का आश्वासन दिया, ताकि सड़क को आमजन के आवागमन योग्य बनाया जा सके। प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री महोदय को सड़क का चौड़ाईकरण कर 7 मीटर करने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है।

मनुदेव सिनसिनी ने कहा कि यदि प्रस्ताव पर जल्द कोई कार्रवाई नहीं होती है तो सिनसिनी फिर से सड़कों पर उतरेगी और इस सड़क का चौड़ाईकरण करवाकर ही दम लेगी।

धरना-प्रदर्शन में क्षेत्र के अनेक ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में सड़क निर्माण की मांग करते हुए प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया तो जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन कर आंदोलन को उग्र किया जाएगा। धरने में पप्पन, सतेंद्र सिंह, धर्मवीर, हेमंत, कुसलपाल, वीरपाल टाटा, कैप्टन अशोक, जगदीश हवलदार, रूपेश, बुलैट, छगन बाबा, रूपन पहलवान, जीतू, नरेश, देवराज, गौरव, विजेंद्र ई मित्र, बच्चू शेख, राहुल, सुभाष, अजय पाल, भोलू कमल सिंह, मानो, संजू, रंजीत, मनोज, अर्जुन, रवि सहती, काली, अमित अशोक सहित मुकंदपरा, सितारा और सहती से सैकड़ों ग्रामवासी मौजूद रहे। आंदोलन के बाद प्रशासन की ओर से दो दिन में कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बावजूद ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि समय पर सड़क निर्माण नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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