डीग में आरयूआईडीपी ने विद्यालय में चलाया स्वच्छता जागरूकता अभियान, एफएसटीपी प्लांट की उपयोगिता बताई
डीग में राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के तहत राजकीय प्राथमिक विद्यालय, वार्ड नंबर 22 में स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदीप कुमार शर्मा ने स्वच्छता, हाथ धोने के सात चरणों और एफएसटीपी प्लांट के उपयोग व उससे होने वाले लाभों की जानकारी दी।

तस्वीर में डीग के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में आरयूआईडीपी के अधिकारी स्कूली विद्यार्थियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए दिख रहे हैं।
डीग, 20 जुलाई। राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) की सामुदायिक एवं जन सहभागिता इकाई के जागरूकता कार्यक्रम के तहत सोमवार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय, वार्ड नंबर 22 में स्वच्छता विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों को स्वच्छता के महत्व के साथ-साथ सुरक्षित स्वच्छता प्रबंधन की जानकारी दी गई।
कैप आरयूआईडीपी के सहायक सामुदायिक विकास एवं जेंडर सपोर्ट अधिकारी प्रदीप कुमार शर्मा ने स्वच्छता पर जानकारी देते हुए कहा कि स्वच्छता एक अच्छी आदत है, जिसे स्वस्थ जीवन के लिए अपनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि स्वच्छता व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक, सामाजिक और बौद्धिक रूप से स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस दौरान उन्होंने हाथ धोने के सात चरणों की भी विस्तार से जानकारी दी।
परियोजना कार्यों की जानकारी देते हुए प्रदीप कुमार शर्मा ने बताया कि आरयूआईडीपी द्वारा शहर के गोवर्धन गेट स्थित मालीपुरा रोड पर एफएसटीपी प्लांट का निर्माण किया गया है, जिसका उद्घाटन भी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सेप्टी टैंकों का फीकल स्लज खुले में डालने से कई प्रकार की बीमारियां फैलने का खतरा रहता है और पर्यावरण भी प्रदूषित होता है।
उन्होंने बताया कि कुछ समय बाद घरों के सेप्टी टैंकों से निकलने वाले मल को टैंकों में भरकर एफएसटीपी प्लांट तक ले जाया जाएगा। वहां उसका उपचार कर खाद के रूप में खेतों में उपयोग किया जाएगा, जबकि शोधित जल का उपयोग नगर परिषद क्षेत्र के पेड़-पौधों के लिए किया जाएगा। इससे पहले होने वाली गंदगी से राहत मिलेगी, किसानों की पैदावार बढ़ेगी और पर्यावरण भी साफ एवं स्वच्छ रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। स्वच्छता और वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में परियोजना की उपयोगिता और उसके संभावित लाभों की जानकारी साझा की गई।

