डीग में 13 सितंबर को साहित्यिक संवाद, ‘पढ़ता युवा, सशक्त भारत’ पर होगा मंथन
डीग में 13 सितंबर 2026 को ‘डीग साहित्यिक संवाद–2026’ आयोजित होगा। ‘पढ़ता युवा, सशक्त भारत’ विषय पर साहित्य, संस्कृति, शिक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े मुद्दों पर संवाद होगा।

डीग, 12 सितंबर। 21वीं सदी के राजस्थान साहित्यिक आंदोलन की श्रृंखला के अंतर्गत ‘डीग साहित्यिक संवाद–2026’ का आयोजन रविवार, 13 सितंबर 2026 को प्रातः 10 बजे से विमल वाटिका मैरिज गार्डन, कामां गेट, डीग में होगा। संवाद का मुख्य विषय ‘पढ़ता युवा, सशक्त भारत : साहित्य, संस्कृति और भारतीय ज्ञान परंपरा का नवजागरण’ रहेगा।
वर्ष 2010 में शुरू हुआ 21वीं सदी का राजस्थान साहित्यिक आंदोलन अपनी 16 वर्षों की यात्रा में प्रदेश के प्रत्येक जिले तक पहुंच चुका है। आंदोलन के तहत अब तक राजस्थान में 1000 से अधिक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। अब इस अभियान को प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र और पंचायत स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
डीग साहित्यिक संवाद का उद्देश्य युवा पीढ़ी में अध्ययन संस्कृति का विकास करना, साहित्य एवं संस्कृति के प्रति जागरूकता का संवर्धन करना, भारतीय ज्ञान परंपरा से युवाओं को जोड़ना तथा डीग जिले की रचनात्मक प्रतिभाओं को सशक्त मंच प्रदान करना है।
राजस्थान सरकार के कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग ने पत्र क्रमांक प.31(1)क.स./2023-00185, दिनांक 1 अप्रैल 2025, के माध्यम से विभाग के अधीन विभिन्न अकादमियों को ‘राजस्थान के साहित्यिक आंदोलन’ में सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पत्र में राजस्थान ललित कला अकादमी, राजस्थान संस्कृत अकादमी, राजस्थान उर्दू अकादमी, राजस्थान सिंधी अकादमी, राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी, राजस्थान भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी सहित विभिन्न अकादमियों को निर्देशित किया गया है।
विभागीय पत्र में वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार अनिल सक्सेना ‘ललकार’ द्वारा प्रदेश के प्रत्येक जिले और उनकी पंचायतों में चलाए जा रहे राजस्थान के साहित्यिक आंदोलन का उल्लेख करते हुए विभाग के अधीन सभी अकादमियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आंदोलन के समन्वय के लिए शाश्वत सक्सेना एवं अनिल सक्सेना ‘ललकार’ से संपर्क करने को कहा गया है।
‘डीग साहित्यिक संवाद–2026’ में साहित्य, संस्कृति, शिक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विषयों पर संवाद होगा। ‘पढ़ता युवा, सशक्त भारत’ की अवधारणा के माध्यम से युवाओं को अध्ययन, सृजन और सांस्कृतिक चेतना से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार, लेखक एवं साहित्यकार तथा 21वीं सदी के राजस्थान साहित्यिक आंदोलन के संस्थापक एवं संयोजक अनिल सक्सेना ‘ललकार’ करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन 21वीं सदी का राजस्थान साहित्यिक आंदोलन द्वारा तथा राजस्थान मीडिया एक्शन फोरम एवं यूथ मूवमेंट, राजस्थान के सहयोग से किया जा रहा है। भरतपुर संभाग प्रभारी मोरध्वज सिंह कार्यक्रम समन्वयक हैं।
16 वर्षों में 1000 से अधिक कार्यक्रमों की यात्रा के बाद डीग में होने वाला यह साहित्यिक संवाद साहित्य, संस्कृति, युवा चेतना और भारतीय ज्ञान परंपरा को एक मंच पर जोड़ने की दिशा में आंदोलन की महत्वपूर्ण कड़ी होगा।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
