डीग, 4 जनवरी। राजस्थान के ऐतिहासिक शहर डीग में जलमहलों की विरासत और पवित्र तालाबों की गरिमा को बचाने के लिए चल रहा जन-आंदोलन अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। शहर के तालाबों में गिरते गंदे पानी और घाटों पर पसरी गंदगी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष गिरीश शर्मा के नेतृत्व में जारी धरने ने रविवार को अपने 40वें दिन में प्रवेश किया। इस अवसर पर आंदोलनकारियों ने प्रशासन की जड़ता को तोड़ने के लिए 'सद्बुद्धि यज्ञ' का आयोजन किया, जिसमें आहुतियां देकर सरकार और अधिकारियों को उनके नैतिक कर्तव्यों की याद दिलाई गई।

हवन कुंड की अग्नि के बीच आंदोलित जनता का आक्रोश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। गिरीश शर्मा ने बेहद गंभीर लहजे में प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलनकारी भूख हड़ताल और आत्मदाह जैसे कठोर कदम उठाने पर मजबूर होंगे। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। शर्मा ने शहर की भयावह स्थिति का खुलासा करते हुए बताया कि डीग के लगभग 30 प्रतिशत घरों का सीवरेज और लैट्रिन का गंदा पानी बिना किसी शोधन के सीधे ऐतिहासिक तालाबों में मिल रहा है। स्थानीय निवासियों द्वारा सेप्टिक टैंक न बनवाना और प्रशासन की अनदेखी इस ऐतिहासिक नगरी के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न लगा रही है।

इस मुद्दे की संवेदनशीलता तब और बढ़ जाती है जब चौरासी कोस परिक्रमा के दौरान लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने यहां आते हैं। विडंबना यह है कि जिस जल को श्रद्धालु प्रसाद समझकर ग्रहण करते हैं, वह आज बदबूदार और दूषित हो चुका है। विश्व प्रसिद्ध जलमहलों का दीदार करने आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक भी जब सागरों के तट पर खुले में शौच और गंदगी का अंबार देखते हैं, तो उनका मोहभंग हो जाता है, जिससे स्थानीय पर्यटन पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। आंदोलनकारियों ने संकल्प लिया है कि जब तक गटर के पानी को तालाबों में गिरने से नहीं रोका जाता और घाटों की मुकम्मल सफाई नहीं होती, तब तक उनका आमरण अनशन और संघर्ष जारी रहेगा। इस महत्वपूर्ण अवसर पर गिरीश शर्मा के साथ गोपाल पण्डित, मनीषा, रघुवीर, सचिन, फत्ते, नवल सिंह वहज और राजेश वहज सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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