डीग में ग्रामीण उत्थान शिविर आयोजित, विकसित भारत श्रीरामजी योजना की दी जानकारी
डीग जिले की 6 ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित कर मनरेगा में 125 दिन का रोजगार, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और पीएमएफएमई योजना के तहत कृषि उद्योगों को बढ़ावा दिया गया।

डीग जिले की ग्राम पंचायत सिनसिनी में आयोजित ग्रामीण उत्थान शिविर के दौरान ग्रामीणों को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते प्रशासनिक अधिकारी।
डीग, 01 फरवरी 2026। राज्य सरकार के निर्देशों की अनुपालना और जिला प्रशासन की पहल पर रविवार को डीग जिले की ग्राम पंचायत सिनसिनी, साबौरा, नौनेरा, गोपालगढ़, जालूकी और गुलपाड़ा में ग्रामीण उत्थान शिविरों का आयोजन किया गया।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य
इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य प्रशासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से आमजन तक पहुँचाना था।
कृषि एवं मृदा स्वास्थ्य पर जागरूकता
- शिविर के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण को प्राथमिकता दी गई।
- लाभार्थियों को अवगत कराया गया कि "वैज्ञानिक पद्धति से मिट्टी की जांच के आधार पर खाद एवं बीज का उपयोग कर वे कृषि उत्पादन में गुणात्मक सुधार कर सकते हैं।"
- इसके अतिरिक्त, किसान सेवा केंद्रों के माध्यम से उन्नत बीजों की उपलब्धता और वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने की जानकारी दी गई।
मनरेगा: रोजगार दिवसों में बढ़ोतरी की जानकारी
सिनसिनी में आयोजित शिविर में ग्रामीणों को महात्मा गांधी नरेगा योजना में हुए बदलावों से अवगत कराया गया। उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि:
- योजना का नाम अब विकसित भारत श्रीरामजी कर दिया गया है।
- रोजगार दिवसों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।
- इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों में अकुशल श्रमिकों को अतिरिक्त आर्थिक संबल प्राप्त होगा।
स्वरोजगार को प्रोत्साहन: पीएमएफएमई योजना
कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने हेतु पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत आवेदन स्वीकार किए गए। शिविर में एक लाभार्थी द्वारा तेल एक्सपेलर यूनिट स्थापित करने हेतु ऑनलाइन आवेदन किया गया, जिस पर नियमानुसार 35% अनुदान देय होगा। यह पहल ग्रामीण उद्यमिता विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
राजस्व प्रकरणों का मौके पर निस्तारण
प्रशासनिक विकेंद्रीकरण की भावना के अनुरूप, शिविर स्थल पर ही राजस्व विभाग द्वारा निम्नलिखित कार्यवाही संपादित की गई:
- ओबीसी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करना।
- एक ही छत के नीचे विभिन्न विभागों की सेवाओं की उपलब्धता से ग्रामीणों के समय और संसाधन की बचत हुई।
इन शिविरों में सिनसिनी, साबौरा, नौनेरा, गोपालगढ़, जालूकी और गुलपाड़ा के ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और मौके पर ही अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त किया।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
