डीग के अऊ में ग्रामीण सेवा शिविर का औचक निरीक्षण, अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश
डीग के अऊ गांव में ग्रामीण सेवा शिविर का औचक निरीक्षण अचानक प्रशासनिक सख्ती का कारण बना, जहां अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए और लंबित मामलों की समयबद्ध रिपोर्ट तलब की गई, जबकि कई योजनाओं का मौके पर लाभ भी वितरित हुआ।

मंगलवार को डीग जिले के अऊ गांव में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान फाइलों और व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण करतीं संभागीय आयुक्त नलिनी कठौतिया।
डीग जिले के अऊ गांव में मंगलवार को आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर उस समय चर्चा का केंद्र बन गया जब संभागीय आयुक्त भरतपुर एवं प्रभारी सचिव डीग नलिनी कठौतिया ने शिविर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। अचानक हुए इस निरीक्षण ने प्रशासनिक अमले में हलचल पैदा कर दी और शिविर की कार्यप्रणाली पर गंभीरता से मूल्यांकन किया गया।
निरीक्षण के दौरान संभागीय आयुक्त ने सबसे पहले उपस्थिति रजिस्टर की जांच की और ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से शिविर में प्राप्त प्रकरणों की विस्तृत जानकारी लेते हुए यह भी पूछा कि कितने मामलों का त्वरित निस्तारण किया गया है और कितने अभी लंबित हैं। साथ ही उन्होंने लंबित प्रकरणों के समाधान की समयसीमा तय कर समयबद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए अधिकारियों को पाबंद किया।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा आमजन को मौके पर ही राहत प्रदान की गई। राजस्व विभाग ने आपसी सहमति से खाता विभाजन का महत्वपूर्ण कार्य करते हुए 35 काश्तकारों से जुड़े 20 हेक्टेयर भूमि मामलों का स्थायी निस्तारण किया। इसके साथ ही जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, नाम शुद्धिकरण की प्रक्रिया और राजस्थान रोडवेज के निःशुल्क पास भी पात्र लाभार्थियों को जारी किए गए।
कृषि विभाग ने भी सक्रियता दिखाते हुए 120 बीमा पॉलिसियों का वितरण कर किसानों को संबल प्रदान किया। वहीं पशुपालन विभाग ने मुख्यमंत्री मंगल पशु बीमा योजना के अंतर्गत 55 बीमा पॉलिसियां वितरित कीं और 120 पशुओं का टीकाकरण कर उन्हें रोगों से सुरक्षा कवच प्रदान किया।
पंचायती राज विभाग की ओर से भी ग्रामीणों को राहत देते हुए 13 पट्टों का वितरण किया गया तथा 13 नए शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति जारी की गई। विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की भी इस दौरान समीक्षा की गई।
संभागीय आयुक्त नलिनी कठौतिया ने शिविरों की प्रभावशीलता बढ़ाने पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि मुख्य शिविर से पूर्व संबंधित गांवों में अनिवार्य रूप से प्री-कैंप आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्री-कैंप के माध्यम से स्थानीय समस्याओं की पहचान पहले ही कर ली जाए ताकि मुख्य शिविर में उनका मौके पर ही पूर्ण समाधान सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप आमजन को एक ही छत के नीचे पारदर्शी, सरल और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसे पूरी गंभीरता के साथ निभाया जाना चाहिए।

Pratahkal Bureau
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