डीग जिले के अऊ गांव में मंगलवार को आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर उस समय चर्चा का केंद्र बन गया जब संभागीय आयुक्त भरतपुर एवं प्रभारी सचिव डीग नलिनी कठौतिया ने शिविर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। अचानक हुए इस निरीक्षण ने प्रशासनिक अमले में हलचल पैदा कर दी और शिविर की कार्यप्रणाली पर गंभीरता से मूल्यांकन किया गया।

निरीक्षण के दौरान संभागीय आयुक्त ने सबसे पहले उपस्थिति रजिस्टर की जांच की और ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से शिविर में प्राप्त प्रकरणों की विस्तृत जानकारी लेते हुए यह भी पूछा कि कितने मामलों का त्वरित निस्तारण किया गया है और कितने अभी लंबित हैं। साथ ही उन्होंने लंबित प्रकरणों के समाधान की समयसीमा तय कर समयबद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए अधिकारियों को पाबंद किया।

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा आमजन को मौके पर ही राहत प्रदान की गई। राजस्व विभाग ने आपसी सहमति से खाता विभाजन का महत्वपूर्ण कार्य करते हुए 35 काश्तकारों से जुड़े 20 हेक्टेयर भूमि मामलों का स्थायी निस्तारण किया। इसके साथ ही जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, नाम शुद्धिकरण की प्रक्रिया और राजस्थान रोडवेज के निःशुल्क पास भी पात्र लाभार्थियों को जारी किए गए।

कृषि विभाग ने भी सक्रियता दिखाते हुए 120 बीमा पॉलिसियों का वितरण कर किसानों को संबल प्रदान किया। वहीं पशुपालन विभाग ने मुख्यमंत्री मंगल पशु बीमा योजना के अंतर्गत 55 बीमा पॉलिसियां वितरित कीं और 120 पशुओं का टीकाकरण कर उन्हें रोगों से सुरक्षा कवच प्रदान किया।

पंचायती राज विभाग की ओर से भी ग्रामीणों को राहत देते हुए 13 पट्टों का वितरण किया गया तथा 13 नए शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति जारी की गई। विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की भी इस दौरान समीक्षा की गई।

संभागीय आयुक्त नलिनी कठौतिया ने शिविरों की प्रभावशीलता बढ़ाने पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि मुख्य शिविर से पूर्व संबंधित गांवों में अनिवार्य रूप से प्री-कैंप आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्री-कैंप के माध्यम से स्थानीय समस्याओं की पहचान पहले ही कर ली जाए ताकि मुख्य शिविर में उनका मौके पर ही पूर्ण समाधान सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप आमजन को एक ही छत के नीचे पारदर्शी, सरल और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसे पूरी गंभीरता के साथ निभाया जाना चाहिए।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

Next Story