डीग में अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर भारी सख्ती, कलेक्टर और एसपी का कड़ा एक्शन
डीग में अवैध खनन माफियाओं और ओवरलोडेड वाहनों के खिलाफ प्रशासन ने चली सबसे बड़ी चाल! जिला कलेक्टर मयंक मनीष और एसपी कांबले शरण गोपीनाथ की महाबैठक में लिए गए कई ऐसे चौंकाने वाले फैसले, जिससे अपराधियों में मचा हड़कंप। आखिर क्या है प्रशासन का यह नया एक्शन प्लान? जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर।

डीग पंचायत समिति सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा, ओवरलोडिंग नियंत्रण और अवैध खनन पर विभागीय कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा कर निर्देश जारी किए।
डीग, 23 जून। जिला कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता और जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ की गरिमामयी मौजूदगी में मंगलवार को डीग पंचायत समिति सभागार में एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस विशेष बैठक में क्षेत्र की दो सबसे गंभीर समस्याओं—सड़क सुरक्षा तथा अवैध खनन व इसके निर्गमन पर चौतरफा रणनीति तैयार की गई। जिला कलेक्टर ने दोनों ही संवेदनशील विषयों पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर धरातल पर कड़े और प्रभावी कदम उठाने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
सड़क सुरक्षा के मोर्चे पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिला कलेक्टर ने राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के अधिकारियों को भरतपुर-डीग और भरतपुर-नगर मार्ग पर जारी पैच वर्क के कार्य को अविलंब पूरा करने की हिदायत दी। उन्होंने सड़कों पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए तय मानकों के अनुसार रंबल स्ट्रिप, आवश्यक साइन बोर्ड और कैट-आइज लगाने के निर्देश दिए। वहीं, परिवहन विभाग को ओवरलोडिंग के खिलाफ एक विशेष महा-अभियान चलाने और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले वाहनों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की संख्या को तेजी से बढ़ाने के लिए निर्देशित किया गया। इसके साथ ही स्कूली छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए शिक्षा विभाग को पाबंद किया गया कि वे बाल वाहिनी के चालकों के मेडिकल चेकअप के लिए तत्काल विस्तृत शेड्यूल जारी करें। मेडिकल कैंप के बाद विभाग को यह प्रामाणिक डाटा सौंपना होगा कि किस चालक की दृष्टि सही है और किसकी नहीं, ताकि असुरक्षित चालकों को तुरंत चिह्नित कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इसी प्रकार, अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ की जा रही प्रशासनिक कार्रवाई की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले ओवरलोडेड वाहनों की बॉडी काटने की सख्त प्रशासनिक कार्रवाई से माफियाओं और अवैध गतिविधियों में लिप्त तत्वों के हौसले पूरी तरह पस्त हो चुके हैं। इस प्रभावी और कड़े कदम का गहरा असर धरातल पर दिखने लगा है, जिसे देखते हुए जिला कलेक्टर ने बॉडी काटने की इस दंडात्मक कार्रवाई को और अधिक गति देने तथा इसे निरंतर जारी रखने के आदेश दिए। कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ ने वन विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि क्षेत्र में कहीं भी अवैध खनन की आहट या सूचना मिलते ही तुरंत पुलिस को सूचित करें। एसपी ने पुलिस और संबंधित रेखीय विभागों को चेतावनी दी कि वे अपराधियों के खिलाफ केवल एफआईआर दर्ज करने तक ही सीमित न रहें, बल्कि आदतन नियमों का उल्लंघन करने वालों को कानूनी नोटिस जारी करें और संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त बढ़ाकर अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करें।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
