डीग में मीरा चरित्र लीला का मंचन, श्रीकृष्ण के प्रति अटूट भक्ति और समर्पण का चित्रण
डीग में श्री बृज लठावन धाम स्थानीय रामलीला महोत्सव समिति के श्री कृष्ण लीला एवं भक्त चरित्रामृत लीला महोत्सव में मीरा चरित्र का मंचन हुआ। लीला में मीरा की कृष्ण भक्ति, पूर्व जन्म की कथा, विवाह और कठिनाइयों के प्रसंग प्रस्तुत किए गए।

डीग के श्री बृज लठावन धाम में आयोजित रामलीला महोत्सव के दौरान स्वामी हरि बल्लभ शर्मा के निर्देशन में मीरा चरित्र लीला मंचन के अवसर पर उपस्थित संत, आयोजक और श्रद्धालुगण।
डीग, 28 अक्टूबर। श्री बृज लठावन धाम स्थानीय रामलीला महोत्सव समिति, डीग के तत्वावधान में आयोजित श्री कृष्ण लीला एवं भक्त चरित्रामृत लीला महोत्सव में मंगलवार को मीरा चरित्र लीला का मंचन किया गया। पद्मश्री विभूषित स्वामी श्री रामस्वरूप शर्मा के सुपुत्र स्वामी श्री हरि बल्लभ जी शर्मा, छोटे ठाकुर जी, श्री श्यामा श्याम लीला संस्थान, श्रीधाम वृंदावन के निर्देशन में प्रस्तुत लीला में भक्त मीरा की भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट श्रद्धा, समर्पण और अनन्य भक्ति को दर्शाया गया।
लीला के दौरान गिरिराज पूजा और इंद्र के कोप का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। इसके बाद मीरा जी के पूर्व जन्म की कथा का मंचन हुआ, जिसमें बताया गया कि पूर्व जन्म में मीरा जी श्याम नाम की सखी थीं। उन्होंने कलियुग में मीरा के रूप में जन्म लेकर भगवान श्रीकृष्ण को अपना आराध्य माना।
इसके बाद मीरा जी और गिरधर गोपाल के विवाह तथा उन्हें अपने आराध्य के रूप में प्राप्त करने की कथा का भावपूर्ण मंचन किया गया। मीरा जी की कृष्ण भक्ति, मायके में गिरधर गोपाल के प्रति उनके समर्पण और उनकी प्रसिद्ध भक्ति भावना ‘मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई’ को भी प्रस्तुत किया गया।
लीला में मीरा जी की ससुराल में उनके साथ किए जाने वाले विभिन्न अत्याचारों के प्रसंग भी दिखाए गए। विपरीत परिस्थितियों और कठिनाइयों के बावजूद मीरा जी अपनी भक्ति के मार्ग से विचलित नहीं हुईं। उनकी अनन्य कृष्ण भक्ति की यात्रा द्वारका तक पहुंचती है, जहां उनकी लीला का विश्राम बताया जाता है।
समिति के खगेन्द्र शर्मा और रवि शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि आज की रासलीला में कथा प्रवक्ता पूज्य कृष्ण चन्द्र ठाकुर जी महाराज आएंगे।
इस अवसर पर संत कृष्णा नंद सरस्वती, समिति के मुख्य संरक्षक एवं लक्ष्मण मंदिर के महंत पंडित मुरारी लाल पाराशर, पंडित गौरीशंकर पाराशर, प्रकाश पाराशर, नगर परिषद उपसभापति प्रदीप शर्मा, एडवोकेट रमाकांत शर्मा, मुकेश भारद्वाज, अंकुर खण्डेलवाल, गगन फौजदार, किशोर गर्ग, दिलीप बंधा वाले, मुनेष बंसल, सचिन जैन, रमाकांत शर्मा नाहरौली वाले, मुनेष खण्डेलवाल, गिरिश शर्मा, विजय दीक्षित, अमरदीप सैन, जय प्रकाश एडवोकेट, दीपक बंसल, ओमप्रकाश सैनी, जगत पाराशर, सुरेश गुप्ता, शिव खण्डेलवाल, कवि मनोज पाराशर मनु, अंकित सक्सैना, भवानी पाराशर, कामेश दीक्षित, सुनील पाराशर, इन्द्रमोहन शर्मा, बबली शर्मा, खगेन्द्र खग्गू, लोकी शर्मा, मोहित पाराशर, रवि बौहरे, काव्य पाराशर, मनोज बीडी, नवल गौड़, जयदीप शर्मा जयपुर, अजय शर्मा और रोहित मित्तल सहित हरिओम पाराशर मौजूद थे।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
