भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष गिरीश शर्मा ने डीग रेलवे स्टेशन पर आरक्षण खिड़की (रिजर्वेशन काउंटर) खोलने की मांग को लेकर डीआरएम उत्तर मध्य रेलवे, आगरा के नाम स्टेशन मास्टर को खून से लिखा ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में गिरीश शर्मा ने मांग की कि 17 जुलाई को प्रस्तावित उद्घाटन से पहले रेलवे स्टेशन पर आरक्षण खिड़की (रिजर्वेशन काउंटर) शुरू की जाए। उन्होंने ज्ञापन में लिखा कि यदि आरक्षण खिड़की नहीं खोली गई, तो उद्घाटन करने का औचित्य क्या है।

गिरीश शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि उद्घाटन से पहले आरक्षण खिड़की शुरू नहीं की गई, तो 17 जुलाई को होने वाले उद्घाटन का बहिष्कार करने के लिए वे मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी स्वयं रेलवे प्रशासन की होगी।

इस संबंध में उन्होंने डीआरएम उत्तर मध्य रेलवे, आगरा के नाम रेलवे स्टेशन मास्टर को ज्ञापन सौंपकर उद्घाटन से पहले आरक्षण सुविधा शुरू कराने की मांग दोहराई।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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