ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के मंत्रालयिक कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। डीग जिले के मंत्रालयिक कर्मचारियों ने प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर आंदोलन का बिगुल बजाते हुए स्पष्ट किया है कि जयपुर में विभागीय स्तर पर लंबी अनुनय-विनय और वार्ता के विफल होने के बाद आखिरकार उन्हें आंदोलन का यह कठोर निर्णय लेना पड़ा है। पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन जिला डीग द्वारा आंदोलन का चरणबद्ध कार्यक्रम जारी कर दिया गया है, जिसके तहत प्रथम चरण में राज्य सरकार के स्तर पर ज्ञापन सौंपने के बाद आगामी एक जून को उपखण्ड मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिए जाएंगे।

कर्मचारियों ने अपनी सेवा शर्तों और संवर्ग सुधार को लेकर मांगों का एक लंबा लेखा-जोखा सरकार के सामने रखा है। इन प्रमुख मांगों में संपूर्ण उत्तराखंड पैटर्न को राज्य में लागू करवाना, कार्मिक विभाग के नॉर्म्स के मुताबिक संपूर्ण केडर का रिव्यू करवाना तथा वित्त विभाग के नॉर्म्स के अनुसार ग्राम पंचायत स्तर पर त्रिस्तरीय व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, मंत्रालयिक कर्मचारी पटवारी और कृषि पर्यवेक्षक की तर्ज पर अतिरिक्त प्रभार एवं हार्ड ड्यूटी अलाउंस देने की मांग कर रहे हैं। साथ ही, एक ही भर्ती में देरी से नियुक्त किए गए कार्मिकों को नोशनल लाभ प्रदान करने, अंतरजिला स्थानांतरण की प्रक्रिया को सुगम बनाने और फर्जी भर्ती प्रकरण की जांच विरोधी केडर से न करवाकर किसी निष्पक्ष तृतीय पक्ष से सुनिश्चित कराने की पुरजोर वकालत की गई है।

इस असंतोष को धरातल पर उतारने के लिए संगठन ने एक व्यापक और उग्र आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 01 जून को ब्लॉक स्तर पर उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसके बाद 07 जून को जिला स्तर पर जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया जाएगा। इसके पश्चात आंदोलन को गति देते हुए 10 से 16 जून तक आधे दिन का 'कलम डाउन' यानी कार्य बहिष्कार किया जाएगा। सरकार को सद्बुद्धि देने के लिए 17 जून को ब्लॉक स्तर पर, 18 जून को जिला स्तर पर और 19 जून को राज्य स्तर पर सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। आंदोलन के अगले चरण में 24 जून को प्रदेश व जिला कार्यकारिणी तथा 25 जून को ब्लॉक कार्यकारिणी जयपुर के लिए कूच करेगी। इसके बाद 01 जुलाई से वीबी जी राम जी का संपूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। आंदोलन का चरम रूप 06 जुलाई को जयपुर में मुख्यमंत्री के घेराव के रूप में सामने आएगा और यदि फिर भी सरकार ने सुध नहीं ली, तो 07 जुलाई को जयपुर के ऐतिहासिक जल महल पर सामूहिक महाजल समाधि का आयोजन कर जल क्रांति का आगाज किया जाएगा। पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन जिला डीग ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो मुख्यमंत्री के घेराव के बाद यह आत्मघाती कदम उठाने से कर्मचारी पीछे नहीं हटेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन की होगी।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

Next Story