महिलाओं और पीड़िताओं को उपलब्ध कराई जा रही सहायता सेवाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डीग द्वारा वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सेंटर पर उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं और पीड़ितों को प्रदान की जा रही सहायता व्यवस्थाओं का विस्तृत अवलोकन किया गया।

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डीग के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमराज गौड़ के निर्देशन में यह निरीक्षण किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डीग की सचिव एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रेनू शकित ने वन स्टॉप सेंटर डीग पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने सेंटर पर उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान खाने के प्रबंधन से संबंधित मैनुअल, प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं, पीड़िताओं के ठहरने के लिए उपलब्ध स्थान, साफ-सफाई की व्यवस्था तथा पीड़ितों को उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं का गहनता से जायजा लिया गया।

वन स्टॉप सेंटर महिलाओं और पीड़िताओं को एक ही स्थान पर विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण व्यवस्था है। ऐसे में निरीक्षण के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि जरूरतमंदों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं।

इस अवसर पर लीगल एड डिफेंस काउंसिल डीग के डिप्टी चीफ राजेंद्र कुमार शर्मा भी मौजूद रहे। निरीक्षण की यह कार्रवाई पीड़ितों को बेहतर सुविधाएं और प्रभावी विधिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Pratahkal Bureau

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