डीग में लग्जरी-स्लीपर बसों के एमवी टैक्स में कथित फर्जीवाड़े का खुलासा, दो आरोपियों पर बीएनएस में मामला दर्ज
डीग में लग्जरी और स्लीपर बसों के एमवी टैक्स में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है।

तस्वीर में डीग में एमवी टैक्स फर्जीवाड़े की जांच के दौरान अधिकारी और अन्य लोग नजर आ रहे हैं।
डीग, 7 अगस्त। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त दल और डीग कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में लग्जरी एवं स्लीपर बसों के एमवी टैक्स (मोटर वाहन कर) में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 6 अगस्त को दोपहर करीब 12:30 बजे थाना डीग कोतवाली पुलिस, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रामकिशन शर्मा के नेतृत्व में परिवहन विभाग की संयुक्त टीम डीग से पूंछरी मार्ग पर बसों की जांच के लिए रवाना हुई। ग्राम बहज के पास लग्जरी, स्लीपर एवं अन्य बसों की जांच के दौरान यूपी 85 एफटी 0142 और यूपी 85 जीटी 1955 नंबर की दो बसों का ऑनलाइन पोस मशीन से सत्यापन किया गया। जांच में दोनों वाहनों का एमवी टैक्स जमा नहीं पाया गया, जिस पर परिवहन निरीक्षक जगदीश नारायण मीणा ने मौके पर चालान जारी किया।
पूछताछ के दौरान बस चालकों ने बताया कि वाहन मालिक एमवी टैक्स के लिए नकद राशि मानवेन्द्र उर्फ मानवीर नामक व्यक्ति के माध्यम से जमा करवाते रहे हैं। चालकों के अनुसार प्रति बस लगभग 1500 रुपये लिए जाते थे, जबकि उन्हें किसी प्रकार की रसीद उपलब्ध नहीं कराई जाती थी।
बस चालक की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर संयुक्त दल बहज स्थित एक कार्यालय पहुंचा, जहां "राजस्थान आरटीओ टैक्स" का बोर्ड लगा मिला। कार्यालय में दो लैपटॉप और एक प्रिंटर चालू हालत में मिले। पूछताछ में संबंधित व्यक्ति ने ऑनलाइन एमवी टैक्स काटने का कार्य करना स्वीकार किया, लेकिन वह इस संबंध में कोई अधिकृत दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि किशोर सिंह और मानवेन्द्र उर्फ मानवीर के बीच फोन पर बातचीत के आधार पर बसों के नंबर नोट कर भुगतान बाद में करने की व्यवस्था की जाती थी। शिकायत के अनुसार इस तरीके से राज्य सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा था।
परिवहन विभाग के अधिकारी राधेश्याम शर्मा की लिखित रिपोर्ट पर थाना डीग कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318(4) एवं 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच उपनिरीक्षक मंगतूराम को सौंपी है। पुलिस कार्यालय से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ कथित फर्जीवाड़े से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
