नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान ने डीग जिले में पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

राज्य निर्वाचन आयोग ने मनीष गोयल, संयुक्त शासन सचिव, गृह (अपील) विभाग, जयपुर को नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। पर्यवेक्षक का आवास सर्किट हाउस, भरतपुर में रहेगा।

चुनाव संबंधी पर्यवेक्षण के लिए सर्किट हाउस में पर्यवेक्षक प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है। यह प्रकोष्ठ कमरा नंबर 207 में संचालित होगा। आमजन चुनाव से संबंधित किसी भी विषय के संबंध में पर्यवेक्षक से संपर्क कर सकते हैं।

पर्यवेक्षक से संपर्क के लिए दूरभाष नंबर 05644-299137 तथा ई-मेल आईडी observercelldeeg@gmail.com जारी की गई है। निर्वाचन प्रक्रिया की निगरानी के लिए की गई यह नियुक्ति नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने की व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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