डीग: गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म का सीकरी में औचक निरीक्षण, जन-समस्याओं के समाधान हेतु अधिकारियों को दी 'डेडलाइन'
डीग के सीकरी क्षेत्र में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने सोमवार सुबह अचानक निरीक्षण कर प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा दिया। पिराका बास, किशनपुरा और सूरज वाल्मीकि बस्ती में जनसंवाद करते हुए मंत्री ने बिजली, पानी और सड़क की समस्याओं का मौके पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सुशासन संकल्प को दोहराते हुए बेढ़म ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि जनसमस्याओं में देरी बर्दाश्त नहीं होगी।

डीग, 12 जनवरी। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप 'सुशासन' के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए प्रदेश के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म पूरी तरह सक्रिय नज़र आ रहे हैं। सोमवार की सुबह डीग जिले के सीकरी क्षेत्र के निवासियों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई, जब गृह, गौपालन, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने बिना किसी पूर्व औपचारिक सूचना के 'प्रातःकालीन आकस्मिक निरीक्षण' शुरू कर दिया। इस दौरे का उद्देश्य केवल सरकारी रिकॉर्डों की जांच करना नहीं, बल्कि आमजन के बीच पहुंचकर उनकी पीड़ा को समझना और शासन की जवाबदेही तय करना था।
मंत्री बेढ़म ने अपने इस सघन दौरे की शुरुआत पिराका बास से की, जहाँ उन्होंने ग्रामीणों के साथ सीधे संवाद कर विकास की जमीनी हकीकत को परखा। इसके उपरांत वे किशनपुरा और सूरज वाल्मीकि बस्ती पहुंचे। राजकीय तामझाम से दूर, मंत्री ने एक साधारण जनप्रतिनिधि की भांति गलियों में घूमकर पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सड़क निर्माण और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। पिराका बास और किशनपुरा में आयोजित 'विकासात्मक संवाद' के दौरान उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जन-प्रतिनिधि का वास्तविक दायित्व दफ्तरों में नहीं, बल्कि जनता की चौखट पर होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार पारदर्शिता और जन-भागीदारी को अपनी कार्यशैली का मूल मंत्र मानती है।
दौरे का सबसे संवेदनशील पड़ाव सूरज वाल्मीकि बस्ती रहा, जहाँ मंत्री ने वंचित वर्ग के परिवारों के बीच बैठकर उनकी व्यक्तिगत और सामुदायिक समस्याओं को सुना। उन्होंने वहां मौजूद जनसमूह को संबोधित करते हुए भावुकता और दृढ़ता के साथ कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का उत्थान ही इस सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को दो-टूक शब्दों में निर्देश दिए कि वंचित बस्तियों में नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए तत्काल प्रस्ताव बनाकर क्रियान्वयन शुरू किया जाए।
जनसुनवाई के दौरान जब ग्रामीणों ने बिजली और पानी की किल्लत को लेकर ज्ञापन सौंपे, तो मंत्री बेढ़म का सख्त तेवर भी देखने को मिला। उन्होंने मौके से ही विभागीय अधिकारियों को दूरभाष पर कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि जन-अभाव अभियोगों के निस्तारण में 'समयबद्धता' और 'गुणवत्ता' से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या देरी अब स्वीकार्य नहीं होगी। पत्रकार पूरन प्रकाश बंसल की रिपोर्ट के अनुसार, इस औचक निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्राम विकास समितियों के सदस्य और बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने मंत्री की इस सक्रियता को जनहित में एक सार्थक पहल बताया। यह दौरा न केवल प्रशासनिक सक्रियता का प्रतीक रहा, बल्कि इसने आमजन में प्रशासन के प्रति विश्वास को भी सुदृढ़ किया है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
