डीग के सभी स्कूलों में 4 अगस्त को विशेष विधिक शिविर, बच्चों को शोषण और यौन उत्पीड़न से बचाव का मिलेगा प्रशिक्षण
डीग में 4 अगस्त 2026 को ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे अभियान के तहत सभी सरकारी और निजी स्कूलों में विशेष विधिक जागरूकता शिविर आयोजित होंगे। विद्यार्थियों को अच्छा-बुरा स्पर्श, शोषण से बचाव और शिकायत की प्रक्रिया समझाई जाएगी। जानिए अभियान की पूरी तैयारी और व्यवस्था।

तस्वीर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के बैनर के सामने बैठे अधिकारी नजर आ रहे हैं।
डीग, 3 अगस्त। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष हेमराज गौड़ की अध्यक्षता एवं निर्देशन में बच्चों को शोषण और यौन उत्पीड़न के प्रति जागरूक बनाने के लिए कानूनी जागरूकता अभियान अब गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रामकिशन शर्मा ने बताया कि 4 अगस्त 2026 को ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे अभियान के तहत डीग जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में विशेष विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे।
इन शिविरों में कक्षा 8 से 12 तक के विद्यार्थियों को “शोषण के खिलाफ आवाज उठाओ, स्वयं अपने रक्षक बनो” तथा “अच्छा स्पर्श, बुरा स्पर्श, फर्क समझो, सुरक्षित रहो” विषय पर सरल और सहज तरीके से जानकारी दी जाएगी। अभियान का उद्देश्य बच्चों को शोषण की पहचान करने, उसके खिलाफ आवाज उठाने और स्वयं को सुरक्षित रखने के प्रति जागरूक बनाना है।
निर्देशों के अनुसार जिले के सभी न्यायिक अधिकारी न्यायालय का समय शुरू होने से पहले संबंधित स्कूलों में पहुंचेंगे और 30 से 60 मिनट तक का जागरूकता सत्र लेंगे। इस दौरान विद्यार्थियों को अच्छे और बुरे स्पर्श की पहचान कराई जाएगी, शोषण की स्थिति में आवाज उठाने के तरीके बताए जाएंगे तथा स्वयं को सुरक्षित रखने के उपाय समझाए जाएंगे। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे तकनीकी कानूनी प्रावधानों की अपेक्षा व्यावहारिक पहलुओं पर अधिक जोर दें और विद्यार्थियों से हिंदी या स्थानीय बोली में सहज संवाद करें।
अभियान के दौरान प्रत्येक सत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य रहेगी। स्कूलों में ‘कोर्ट वाली दीदी’ सुझाव एवं शिकायत पेटी भी रखी जाएगी, जो तीन दिन तक विद्यालय परिसर में रहेगी। इस पेटी को ऐसी जगह रखा जाएगा, जहां किसी प्रकार की निगरानी न हो, ताकि विद्यार्थी बिना किसी डर या संकोच के अपनी शिकायत या सुझाव लिखकर उसमें डाल सकें।
सत्र समाप्त होने के बाद निर्धारित प्रारूप के अनुसार वीडियो, फोटो और रिपोर्ट जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय को भेजी जाएगी। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि कार्यक्रम के कारण न्यायालय के नियमित कार्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए और सभी न्यायिक अधिकारी अदालत का कार्य शुरू होने से कम से कम 10 मिनट पहले अपनी-अपनी अदालत में उपस्थित रहेंगे। यह अभियान बच्चों को कानूनी जागरूकता प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें शोषण और यौन उत्पीड़न के प्रति सजग एवं आत्मरक्षा के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में आयोजित किया जाएगा।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
