डीग के लक्ष्मण मंदिर में शिव महापुराण कथा का चौथा दिन, शिव-पार्वती विवाह प्रसंग ने बांधा श्रद्धालुओं को
डीग के ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर में श्रावण मास के 11 दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा एवं पार्थिव शिवलिंग पूजन महोत्सव के चौथे दिन शिव-पार्वती विवाह, सती कथा और धर्म-ज्ञान पर पूज्य पंडित मुरारी लाल पाराशर के प्रवचन ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

तस्वीर में डीग के लक्ष्मण मंदिर में आयोजित शिव महापुराण कथा के दौरान व्यासपीठ पर विराजमान कथा प्रवक्ता पंडित मुरारी लाल पाराशर नजर आ रहे हैं।
डीग, 4 अगस्त। शहर के ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर में श्रावण मास के अवसर पर आयोजित 11 दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा एवं पार्थिव शिवलिंग पूजन महोत्सव के चौथे दिन भक्ति और आस्था का विशेष वातावरण देखने को मिला। कथा के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या ने उपस्थित होकर धार्मिक आयोजन में सहभागिता निभाई।
व्यासपीठ पर विराजमान लक्ष्मण मंदिर के मंहत एवं पूज्य कथा प्रवक्ता पंडित मुरारी लाल पाराशर ने शिव महापुराण कथा के चतुर्थ दिवस पर शिव-पार्वती विवाह, सती कथा, उनके स्वरूप सहित अनेक प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की बारात अनोखी है, जिसमें भूत, प्रेत, गण, अघोर और जीव-जंतु शामिल हैं। उन्होंने बताया कि शिव और पार्वती का विवाह संसार के कल्याण का सबसे बड़ा संदेश है।
पूज्य पाराशर ने कहा कि भगवान शंकर विश्वास हैं और जहां विश्वास है, वहीं आस्था है। उन्होंने कहा कि मनुष्य के उद्धार के लिए धर्म और ज्ञान से बड़ा कोई दूसरा विकल्प नहीं है तथा धर्म को न मानने वाले लोग अधर्मी और अशुद्ध होते हैं।
कथाचार्य पूज्य पाराशर ने धर्म और ज्ञान से जुड़े विषयों पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस भूतल पर कल्याण के लिए इस कथा से उत्तम दूसरा कोई साधन नहीं है। उन्होंने कहा कि इस महापुराण के पठन अथवा ज्ञान से पापी और दुराचारी लोग भी शुद्ध हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की आराधना मनुष्य को मोक्ष प्रदान करती है, इसलिए समस्त मानव जाति को भगवान शिव की निर्मल मन से उपासना करनी चाहिए।
कथा के दौरान उन्होंने माता पार्वती और भगवान शिव के संवाद का उल्लेख करते हुए बताया कि माता पार्वती जी ने भगवान शिव से परम तत्व के बारे में अवगत कराने का आग्रह किया, जिसकी शरण में जाने से मुक्ति मिल जाती है। इस पर भगवान शिव ने कहा कि हे देवी, विज्ञान ही परम तत्व है और यह विज्ञान मनुष्य के अंतर्मन में ही विराजमान रहता है। उन्होंने कहा कि आज का इंसान सांसारिक मोह-माया में उलझा हुआ है, जिसकी वजह से वह जीवनकाल तक इधर-उधर भटकता रहता है।
इस अवसर पर पूर्व भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष एडवोकेट अनिल कुमार गुप्ता, राधे श्याम गर्ग, दिनेष पाराशर, मालती गुप्ता, गीता तमोलिया, महेश अग्रवाल, राजू काका, हरिओम पाराशर, इन्द्रमोहन शर्मा, केदार सौखिया सहित बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित रहे। धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की सहभागिता के साथ शिव महापुराण कथा एवं पार्थिव शिवलिंग पूजन महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में निरंतर जारी है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
