डीग में धूमधाम से मनाई गई जन्माष्टमी, आधी रात को मंदिरों-घरों में गूंजा बधाई गायन
डीग में 4 सितंबर शुक्रवार को जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। मंदिरों और घरों में श्री कृष्ण के विग्रह को झूला झुलाया गया, भजन संध्या हुई और रात 12 बजे पूजा-अर्चना के साथ बधाई गायन किए गए।

तस्वीर में एक छोटा बच्चा भगवान कृष्ण के रूप में पीले रंग की पोशाक और मुकुट पहने हुए नजर आ रहा है।
डीग। 4 सितंबर शुक्रवार को जन्माष्टमी का पर्व डीग जिले में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिले के मंदिरों में सुबह से ही तैयारियां जोर-शोर से चलती रहीं। मंदिरों और घरों में भगवान श्री कृष्ण के विग्रह को झूला झुलाया गया तथा भजन संध्या का आयोजन किया गया।
रात के 12 बजते ही मंदिरों और घरों में ठाकुर जी की पूजा-अर्चना की गई। इसके साथ ही मंदिरों में बधाई गायन किए गए। जन्माष्टमी के अवसर पर डीग जिले के अलग-अलग स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।
इस दौरान मंदिरों और घरों में भगवान श्री कृष्ण की पूजा-अर्चना तथा धार्मिक आयोजनों का क्रम देर रात तक जारी रहा। जिले में जन्माष्टमी पर्व पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन से उत्सव का माहौल बना रहा।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
