डीग, 12 अगस्त। पुलिस अधीक्षक डीग शरण गोपीनाथ के. IPS के निर्देशन में पुलिस थाना जनूथर ने अवैध हथियार तस्करी के मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 4 अवैध हथियार और 26 अवैध जिंदा कारतूस जब्त किए हैं।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अजय उर्फ सचिन पुत्र श्री रणवीर, जाति जाट, उम्र 22 साल, निवासी जाटौली थून, पुलिस थाना जनूथर, जिला डीग है। आरोपी के कब्जे से 4 अवैध हथियार बरामद किए गए, जिनमें 02 पौना और 02 कट्टा शामिल हैं। इसके साथ ही 26 अवैध जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए।

पुलिस ने मामले में अजय उर्फ सचिन के खिलाफ धारा 111 (3) बीएनएस व 3/25 आर्म्स एक्ट में प्रकरण पंजीबद्ध कर अनुसंधान शुरू कर दिया है।

मामले में सहआरोपी कुलदीप सिंह उर्फ कलुआ पुत्र बच्चू सिंह, जाति जाट, निवासी जाटौली थून, पुलिस थाना जनूथर, जिला डीग की तलाश जारी है। पुलिस की कार्रवाई से अवैध हथियार तस्करी से जुड़े मामले में आगे की जांच का रास्ता खुला है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

Next Story