डीग, 13 सितंबर। श्री हिंदी पुस्तकालय समिति डीग द्वारा आयोजित हिंदी पखवाड़ा प्रतियोगिता में बालिका आदर्श विद्या मंदिर डीग के विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्थान प्राप्त किए।

जूनियर वर्ग की कविता प्रतियोगिता में कक्षा 7 के छात्र उत्कर्ष चौधरी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, आशुभाषण प्रतियोगिता में कक्षा 6 के छात्र शौर्य अग्रवाल ने द्वितीय स्थान हासिल किया।

प्रतियोगिता में बालिका आदर्श विद्या मंदिर की आचार्य कीर्ति ने ओपन मेहंदी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीनों प्रतियोगियों को आज सम्मानित किया गया।

श्री हिंदी पुस्तकालय समिति डीग द्वारा आयोजित हिंदी पखवाड़ा प्रतियोगिता में छात्रों और आचार्य कीर्ति की उपलब्धियों ने विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। प्रतियोगिताओं में प्राप्त स्थान और सम्मान प्रतिभागियों के प्रदर्शन को रेखांकित करते हैं।

Updated On
Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

Next Story