डीग में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक, मौसमी बीमारियों, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी और मानसिक स्वास्थ्य पर सख्त निर्देश
डीग में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंघल की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में मौसमी बीमारियों, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी, गैर-संचारी रोगों, मानसिक स्वास्थ्य, टीबी मुक्त राजस्थान और एनीमिया मुक्त राजस्थान कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य कर्मियों को अहम निर्देश दिए गए।

तस्वीर में डीग में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और अन्य अधिकारी चर्चा करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
डीग, 22 जुलाई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डीग डॉ. विजय कुमार सिंघल की अध्यक्षता में ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा अधिकारियों, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स और महिला स्वास्थ्य कर्मियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्षा ऋतु के मद्देनजर मौसमी बीमारियों, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी, गैर-संचारी रोगों और मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए विभिन्न बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई।
बैठक के दौरान मौसमी बीमारियों की रोकथाम को प्राथमिकता देते हुए डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और मौसमी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए फील्ड स्टाफ को एक्टिव सर्विलांस के निर्देश दिए गए। बीसीएमओ ने कहा कि बुखार के प्रत्येक मरीज की रक्त पट्टिका अनिवार्य रूप से बनाई जाए तथा ग्रामीण क्षेत्रों में एंटी-लार्वा गतिविधियों (सोर्स रिडक्शन) में तेजी लाई जाए।
जिला प्रजनन एवं शिशु रोग अधिकारी डॉ. धर्मवीर फौजदार ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की विशेष ट्रैकिंग पर जोर देते हुए मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान और शत-प्रतिशत लाइन-लिस्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बीसीएमओ ने स्पष्ट किया कि प्रसव के समय ऐसी महिलाओं के लिए जिला अस्पताल स्तर पर रक्त की अग्रिम व्यवस्था की जाए तथा सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जाए।
उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मानसिंह ने कार्यक्रमों में गति लाने के निर्देश देते हुए कहा कि गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों की बीपी, शुगर और कैंसर जैसी बीमारियों की स्क्रीनिंग बढ़ाई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि स्क्रीनिंग किए गए सभी मरीजों का डेटा तत्काल पोर्टल पर ऑनलाइन फीड किया जाए।
मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. रामअवतार शर्मा ने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले तनाव, अवसाद अथवा अन्य मानसिक समस्याओं से पीड़ित मरीजों की उचित काउंसलिंग की जाए तथा गंभीर मामलों को विशेषज्ञ उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया जाए। उन्होंने बताया कि टेली मानस टोल फ्री नंबर 18008914416 एवं 14416 पर कॉल कर मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श और काउंसलिंग प्राप्त की जा सकती है।
बैठक के अंत में अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश चन्द मीणा ने टीबी मुक्त राजस्थान कार्यक्रम एवं एनीमिया मुक्त राजस्थान अभियान की समीक्षा करते हुए सभी स्वास्थ्य कर्मियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में वर्षा ऋतु के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने, जोखिम वाले मरीजों की समय पर पहचान और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के बेहतर संचालन पर विशेष जोर दिया गया।

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