डीग जिले में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का असर धरातल पर दिखाई देने लगा है, जहाँ प्रशासनिक संवेदनशीलता ने एक ग्रामीण का जीवन बदल दिया। समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को त्वरित लाभ पहुँचाने और प्रशासनिक सेवाओं को सुगम बनाने के उद्देश्य से आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर उस समय एक मिसाल बन गया, जब एक जरूरतमंद ग्रामीण को उसके ही घर का मालिकाना हक सौंप दिया गया।

घटनाक्रम गुरुवार का है, जब पंचायत समिति कामां की ग्राम पंचायत मूसेपुर में ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में ऊधन गाँव के निवासी धर्मवीर पुत्र मनोहर लाल अपनी लंबी जद्दोजहद के बाद अपने आवास के पट्टे के लिए पहुँचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर ही संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सभी विधिक औपचारिकताएं त्वरित गति से पूरी कीं। देखते ही देखते, धर्मवीर को उनके आवास का पट्टा सौंप दिया गया, जो उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं था। अपने आशियाने के कानूनी दस्तावेज हाथों में आते ही लाभार्थी और उनके परिजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस पारदर्शी और त्वरित कार्यप्रणाली ने न केवल एक परिवार को संबल दिया, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास को और अधिक सुदृढ़ कर दिया। शिविर में उपस्थित लोगों ने राजस्थान सरकार और उपखंड प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक बड़ा कदम बताया।

Pratahkal Newsroom

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