ग्रामीण सेवा शिविर बना राहत का माध्यम: वर्षों पुराना पैतृक भूमि विवाद सुलझा, दो भाइयों को मिली बड़ी राहत
डीग के ग्राम पंचायत जयश्री में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के दौरान वर्षों से लंबित पैतृक भूमि विवाद का समाधान हुआ। प्रशासन की पहल से दो भाइयों के बीच चला आ रहा विवाद समाप्त हुआ और उन्हें बड़ी राहत मिली।

जयश्री ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान मंगलवार को अधिकारियों द्वारा भूमि विवाद सुलझने के बाद दोनों भाइयों ज्ञानीराम एवं भूदर (बाएं से क्रमशः पहले और दूसरे) को दस्तावेज सौंपते प्रशासनिक अधिकारी।
राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप आमजन की राजस्व एवं अन्य समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आयोजित किए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर-2026 ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी परिणाम दे रहे हैं। सीकरी उपखंड की ग्राम पंचायत जयश्री में मंगलवार को आयोजित शिविर के दौरान प्रशासन ने एक ऐसे भूमि विवाद का समाधान कराया, जो लंबे समय से दो भाइयों के बीच तनाव और असमंजस का कारण बना हुआ था।
ग्राम पंचायत जयश्री के अंतर्गत आने वाले बलदेवबास गांव के निवासी ज्ञानीराम एवं भूदर पुत्र रूपसिंह के मध्य उनकी पैतृक कृषि भूमि के बंटवारे को लेकर वर्षों से विवाद चला आ रहा था। ग्राम बलदेवबास की जमाबंदी खाता संख्या 211 के अंतर्गत दर्ज खसरा संख्या 264/0.35, 319/0.56 तथा 686/0.29, कुल तीन कितों में फैली 1.20 हेक्टेयर भूमि के विभाजन पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पा रही थी। इस कारण मामला लंबे समय से लंबित था और दोनों भाइयों को कृषि कार्यों के संचालन के साथ-साथ राजस्व अभिलेखों के प्रबंधन में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
मंगलवार को आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर संवाद स्थापित कराया। अधिकारियों ने संवेदनशीलता और समझदारी के साथ पक्षकारों को विधिक प्रक्रिया एवं उनके अधिकारों की जानकारी दी। प्रशासनिक मार्गदर्शन और प्रभावी समझाइश के बाद दोनों भाई आपसी सहमति से भूमि के न्यायसंगत विभाजन के लिए तैयार हो गए।
इसके बाद प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर ही विभाजन की आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी कर दी और वर्षों पुराने विवाद का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया। भूमि का स्पष्ट और शांतिपूर्ण बंटवारा होने के बाद दोनों काश्तकारों के चेहरों पर संतोष और राहत साफ दिखाई दी।
ज्ञानीराम और भूदर ने इस समाधान के लिए राज्य सरकार तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर की इस पहल से उन्हें लंबे समय से चल रहे विवाद से मुक्ति मिली है। उन्होंने कहा कि अब वे बिना किसी विवाद के अपनी कृषि गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित कर सकेंगे।
ग्रामीण सेवा शिविर में हुआ यह समाधान न केवल दो भाइयों के बीच वर्षों से चले आ रहे विवाद का अंत है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि प्रशासनिक तत्परता और संवाद के माध्यम से जटिल राजस्व मामलों का त्वरित एवं शांतिपूर्ण निस्तारण संभव है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
