ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर लोगों के लिए प्रभावी राहत मंच साबित हो रहे हैं। डीग जिले की ग्राम पंचायत ताखा में सोमवार को आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में राजस्व विभाग की तत्परता और संवेदनशील कार्यप्रणाली का ऐसा ही उदाहरण देखने को मिला, जहां एक किसान की वर्षों पुरानी प्रशासनिक समस्या का मौके पर ही समाधान कर दिया गया।

शिविर से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत ताखा निवासी किसान नरेंद्र सिंह, जिनका पूर्व नाम नरेन्द्रपाल था, अपनी कृषि भूमि की जमाबंदी में नाम परिवर्तन एवं शुद्धिकरण को लेकर लंबे समय से परेशान थे। राजस्व अभिलेखों में नाम त्रुटिपूर्ण दर्ज होने के कारण उनकी खेती-किसानी से जुड़े अनेक कार्य प्रभावित हो रहे थे। इसके साथ ही बैंक ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित प्रक्रियाएं भी बाधित थीं, जिससे उन्हें लगातार आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

सोमवार को आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर किसान के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया। जैसे ही मामला शिविर में मौजूद कैंप प्रभारी और राजस्व विभाग की टीम के समक्ष पहुंचा, अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए काश्तकार द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों का मौके पर ही सत्यापन किया। निर्धारित विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद जमाबंदी अभिलेख में आवश्यक संशोधन करते हुए नरेन्द्रपाल के स्थान पर नरेन्द्र सिंह नाम दर्ज कर दिया गया।

नाम शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद किसान को तत्काल संशोधित दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। दस्तावेज प्राप्त होते ही किसान और उनके परिजनों के चेहरे पर राहत और संतोष स्पष्ट दिखाई दिया। राजस्व अधिकारियों के अनुसार अब भूमि से संबंधित सभी कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न हो सकेंगे। इसके अतिरिक्त किसान को बैंक ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड और कृषि विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में भी सुविधा होगी।

अधिकारियों ने बताया कि नाम में संशोधन होने से अब आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य पहचान संबंधी दस्तावेजों के साथ राजस्व अभिलेखों का पूर्ण सामंजस्य स्थापित हो गया है। इससे भविष्य में किसी भी प्रकार की कानूनी या प्रशासनिक जटिलता की संभावना समाप्त हो गई है और किसान को प्रत्यक्ष आर्थिक एवं सामाजिक लाभ प्राप्त होगा।

वर्षों से चली आ रही समस्या का त्वरित समाधान मिलने पर लाभार्थी किसान नरेंद्र सिंह ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समय पर समाधान और किसान सम्मान की भावना से संचालित इस पहल ने उनकी लंबे समय से चली आ रही चिंता को कुछ ही मिनटों में समाप्त कर दिया। ग्रामीण सेवा शिविर की यह पहल प्रशासन की जनहितकारी सोच और त्वरित समस्या निवारण व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आई है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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