डीग महोत्सव का भव्य आगाज, जल महलों से निकली शोभायात्रा ने बिखेरे राजस्थानी संस्कृति के रंग
डीग महोत्सव का शुभारंभ जल महलों से निकली शोभायात्रा के साथ हुआ। जानिए लोक प्रस्तुतियों, कलश यात्रा और आगामी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की पूरी जानकारी।

तस्वीर में डीग महोत्सव की शोभायात्रा को हरा झंडा दिखाकर रवाना करते अधिकारी नजर आ रहे हैं।
राजस्थान के ऐतिहासिक शहर डीग में शनिवार को डीग महोत्सव का शुभारंभ राजस्थानी लोक संस्कृति और पारंपरिक आयोजनों के साथ हुआ। राजस्थान पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन डीग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित महोत्सव की शुरुआत ऐतिहासिक जल महलों से निकली शोभायात्रा के साथ हुई। जिला कलक्टर मयंक मनीष ने शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसमें राजस्थानी लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों और महिलाओं की कलश यात्रा ने शहर के सांस्कृतिक उत्सव को आकर्षक स्वरूप दिया।
शोभायात्रा ऐतिहासिक जल महलों से प्रारंभ होकर डीग के प्रमुख बाजारों से गुजरी और पुनः जल महलों पर पहुंची। इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सजे लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों और सिर पर कलश धारण कर शामिल हुई महिलाओं ने राजस्थानी संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। लोक कला, परंपराओं और जनभागीदारी के संगम ने महोत्सव के शुभारंभ को विशेष बना दिया।
इस अवसर पर जिला कलक्टर मयंक मनीष ने कहा कि डीग अपनी ऐतिहासिक धरोहर, जल महलों, स्थापत्य कला और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के लिए विशिष्ट पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि डीग महोत्सव जैसे आयोजन इस विरासत को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने के साथ पर्यटन को प्रोत्साहित करने और स्थानीय लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
जिला कलक्टर ने यह भी कहा कि ऐसे आयोजनों से आमजन को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है और डीग की पर्यटन संभावनाओं को नई पहचान मिलती है। महोत्सव के माध्यम से शहर की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक परंपराओं को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
महोत्सव के तहत मेला मैदान में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इनमें दमखम-कबड्डी, मूंछ, रस्सा-कस्सी और राधा-कृष्ण पोशाक प्रतियोगिताएं शामिल हैं। इन आयोजनों के जरिए महोत्सव में पारंपरिक गतिविधियों और सांस्कृतिक सहभागिता को मंच मिलेगा।
वहीं, डीग महल में ‘डीग के रंग’ कार्यक्रम के अंतर्गत रंगीन फव्वारों का आकर्षण रहेगा। इसके साथ ही ‘जगमग डीग’ कार्यक्रम के तहत दीपदान किया जाएगा। महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में राजस्थान के लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
ऐतिहासिक जल महलों से शुरू हुई शोभायात्रा, लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां, महिलाओं की कलश यात्रा और प्रस्तावित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ डीग महोत्सव ने शहर की ऐतिहासिक विरासत, लोक संस्कृति और पर्यटन को केंद्र में रखा है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
