डीग: संभागीय आयुक्त ने की जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक
नलिनी कठोतिया ने ग्राम उत्थान शिविर, पेयजल और बिजली समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु अधिकारियों को क्षेत्र में जाकर कार्य करने के निर्देश दिए।

डीग में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया और अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां विभागीय योजनाओं की प्रगति पर चर्चा करते हुए।
डीग, 05 फरवरी। संभागीय आयुक्त भरतपुर नलिनी कठोतिया ने गुरुवार को पंचायत समिति सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप प्रशासन की सक्रियता और जनहित की योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां मौजूद रहे।
ग्राम उत्थान शिविर एवं जन समस्याओं का समाधान संभागीय आयुक्त ने ग्राम उत्थान शिविरों की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि: जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और विद्युत विभाग इन शिविरों में विशेष सजगता बरतें। "ग्राम स्तर पर पानी और बिजली से जुड़ी समस्याएं, विशेषकर विद्युत मीटर कनेक्शन न होने जैसी शिकायतों का मौके पर ही गंभीरतापूर्वक और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।" अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि राज्य सरकार की प्राथमिकता के अनुसार क्षेत्र में जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लें और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कार्य करें। विभागीय योजनाओं की प्रगति एवं क्षेत्रीय सुधार बैठक के दौरान विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए श्रीमती कठोतिया ने खाद्य सुरक्षा योजना में पंजीकृत लाभार्थियों की संख्या का बारकी से अवलोकन किया। खाद्य सुरक्षा: कामां और कुम्हेर उपखंडों में योजना की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को इसमें तत्काल सुधार लाने और पात्र लोगों को जोड़ने के निर्देश दिए। कृषि विपणन: विभाग को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के लिए पाबंद किया गया। कृषि एवं उद्यानिकी: कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान और पीएम आवास योजना (कृषि) जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं में आमजन को अधिक से अधिक प्रेरित करने पर जोर दिया। पंच गौरव: कृषि विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि जिले के सभी उपखंडों में शिविर आयोजित कर योजनाओं की जानकारी दी गई है। अटल प्रगति पथ: कार्यों में अपेक्षित गति लाने के निर्देश दिए गए। राजस्थान संपर्क पोर्टल एवं पेंडेंसी पर सख्त रुख राजस्थान संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों को लेकर प्रभारी सचिव ने सख़्त निर्देश दिए: अधिकारी आत्म-चिंतन करें और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से अपने विभाग की पेंडेंसी को समाप्त करें। "परिवादों का केवल कागजी निस्तारण पर्याप्त नहीं है, बल्कि अधिकारी स्वयं परिवादियों से दूरभाष पर वार्ता करें ताकि उनके संतुष्टि स्तर में वृद्धि हो सके और प्रशासन के प्रति उनका विश्वास सुदृढ़ हो।" अपने अधीनस्थ कार्मिकों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों को शून्य स्तर पर लाने की हिदायत दी गई। भविष्य की चुनौतियां एवं विशेष अभियान भविष्य की चुनौतियों और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा करते हुए: संभागीय आयुक्त ने "प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को जन-जन तक पहुँचाने के लिए एक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।"

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
