डीग में जिला स्तरीय बैंकिंग समीक्षा बैठक संपन्न, वित्तीय समावेशन और ऋण प्रवाह बढ़ाने पर विशेष जोर
डीग में जिला कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में आयोजित बैंकिंग समीक्षा बैठक में वित्तीय समावेशन, ऋण वितरण और सरकारी योजनाओं की प्रगति पर मंथन हुआ। बैठक में बैंकों को दिए गए निर्देशों ने विकास की नई दिशा की ओर संकेत किया।

डीग के पंचायत समिति सभागार में जिला कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा समिति की त्रैमासिक बैठक में उपस्थित बैंक और प्रशासनिक अधिकारी।
जिले में वित्तीय समावेशन को और अधिक मजबूत बनाने तथा पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से बुधवार को पंचायत समिति डीग में जिला स्तरीय समीक्षा समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। जिला कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में बैंकिंग क्षेत्र की प्रगति, ऋण वितरण और केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न प्रायोजित योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने विभिन्न बैंकिंग एवं विकास योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी बैंकों को निर्देशित किया गया कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कर अधिकाधिक पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित किया जाए।
बैठक में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार और जिले में ऋण प्रवाह को गति देने पर भी विशेष चर्चा हुई। जिला कलेक्टर ने बैंक अधिकारियों एवं संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर देते हुए कहा कि वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाने के लिए सभी संस्थाओं को संयुक्त रूप से कार्य करना होगा।
समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, पशुपालक किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, स्वयं सहायता समूहों के वित्तपोषण, डिजिटल बैंकिंग सेवाओं तथा वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों की प्रगति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का मूल्यांकन करते हुए उनके प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक सुझाव भी प्रस्तुत किए गए।
इस अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक मंदीप सिंह वालिया ने बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता, डिजिटल लेन-देन की सुरक्षा तथा वित्तीय जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक शिवम अग्रवाल ने ग्रामीण विकास और कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
बैठक के समापन पर अग्रणी जिला प्रबंधक हिमांशु मंगलमूर्ति ने सभी अधिकारियों, बैंक प्रतिनिधियों और उपस्थित जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जिले में बैंकिंग सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुलभ बनाने के लिए सभी संबंधित संस्थाओं के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।
बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक मंदीप सिंह वालिया, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक शिवम अग्रवाल, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक दिलखुश मीणा, अग्रणी जिला प्रबंधक हिमांशु मंगलमूर्ति सहित जिले के विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक अधिकारी, विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं सरपंच उपस्थित रहे। यह बैठक जिले में वित्तीय समावेशन, बैंकिंग सेवाओं के विस्तार और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
