डीग: 14 जनवरी। राजस्थान के डीग जिले में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने और भू-माफियाओं पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रहा है। जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने बुधवार को तहसील कार्यालय रारह का वार्षिक निरीक्षण किया, जहां उन्होंने न केवल राजस्व कार्यों की गहन समीक्षा की, बल्कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को दो टूक शब्दों में चेतावनी भी दी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सरकारी और चारागाह भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसा होने पर सीधे तौर पर संबंधित क्षेत्र के पटवारियों की जवाबदेही तय होगी।

निरीक्षण के दौरान तब स्थिति गंभीर हो गई जब यह तथ्य सामने आया कि तहसील के कुल 15 पटवारियों में से केवल एक ने ही धारा 91 (अतिक्रमण) की रिपोर्ट प्रस्तुत की है। इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने तहसीलदार को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि जिन पटवारियों ने रिपोर्ट पेश नहीं की है, उनसे अनिवार्य रूप से यह लिखित प्रमाण-पत्र लिया जाए कि उनके क्षेत्र में कोई अतिक्रमण नहीं है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि भविष्य में अतिक्रमण पाए जाने पर संबंधित पटवारी के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा सके। साथ ही, उन्होंने धारा 91 के तहत पहले से निर्णीत मामलों में बेदखली की प्रक्रिया को तत्काल अमली जामा पहनाने और उसकी पालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया।

राजस्व चोरी को रोकने और संपत्ति के दस्तावेजों के पंजीयन में पारदर्शिता लाने के लिए जिला कलेक्टर ने एक क्रांतिकारी बदलाव का निर्देश दिया है। अब अचल संपत्ति के बेचान के समय केवल एक तरफ की फोटो से काम नहीं चलेगा, बल्कि संपत्ति के तीन तरफ (फ्रंट, लेफ्ट और राइट) के फोटोग्राफ्स अनिवार्य होंगे। कलेक्टर ने विश्वास जताया कि इस त्रि-आयामी फोटोग्राफी से संपत्ति का वास्तविक मूल्यांकन हो सकेगा और सरकारी राजस्व की चोरी पर प्रभावी अंकुश लगेगा। उन्होंने उप-पंजीयक को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करें और इसका पूरा विवरण पंजिका में दर्ज करें।

प्रशासनिक कार्यप्रणाली में आधुनिकता पर जोर देते हुए उत्सव कौशल ने कार्यालय में ऑफलाइन फाइलों के निस्तारण पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि राज्य सरकार की डिजिटल नीतियों का पालन करते हुए समस्त कार्य राजकाज पोर्टल और ई-फाइलिंग के माध्यम से ही किए जाएं। इसके साथ ही, उन्होंने पंजीयन दस्तावेजों की ऑनलाइन डिलीवरी और स्कैनिंग के लंबित कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने को कहा। फील्ड अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पाया कि तहसीलदार और नायब तहसीलदार निर्धारित मापदंडों के अनुसार रात्रि विश्राम और पटवार मंडलों का दौरा नहीं कर रहे हैं। कलेक्टर ने उन्हें रोस्टर के अनुसार फील्ड में सक्रिय रहने की हिदायत दी।

अंत में, कलेक्टर ने तहसील कार्यालय में स्टाफ की भारी कमी और बुनियादी ढांचे की जर्जर स्थिति पर भी संज्ञान लिया। 13 में से केवल 5 कार्मिकों के कार्यरत होने पर उन्होंने रिक्त पदों को भरने हेतु उच्च स्तर पर प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया। साथ ही, अजान-1, ताखा, तालफरा, डिडवारी और गुनसारा के जीर्ण-शीर्ण पटवार घरों की मरम्मत के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग को तत्काल बजट का तकमीना तैयार करने का आदेश दिया। जिला कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण और कड़े फैसलों से रारह तहसील प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है, जिसका सीधा सकारात्मक प्रभाव आने वाले दिनों में जिले की राजस्व व्यवस्था और आम जनता की सहूलियत पर पड़ना तय है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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