डीग न्यायालय में नारी संवाद मंच के तहत विधिक जागरूकता शिविर, महिलाओं को बताए कानूनी अधिकार
डीग न्यायालय में आयोजित नारी संवाद एवं सामुदायिक समाधान मंच के तहत महिलाओं को मुफ्त विधिक सहायता, कानूनी अधिकार और महिला सुरक्षा कानूनों की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

डीग न्यायालय परिसर में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर के दौरान उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी।
अध्यक्ष हेमराज गौड़, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डीग के निर्देशन में न्यायालय परिसर डीग में 'नारी संवाद एवं सामुदायिक समाधान मंच' कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राम किशन शर्मा तथा लीगल डिफेंस काउंसिल के चीफ विनोद शर्मा और डिप्टी चीफ राजेन्द्र शर्मा उपस्थित रहे। शिविर में ग्राम पंचायत अवार, रसिया, बहज, खेसती और लहसर से बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव राम किशन शर्मा ने महिलाओं को उनके कानूनी और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण तभी संभव है, जब वे अपने अधिकारों के प्रति सजग और शिक्षित हों। इस दौरान महिलाओं को मुफ्त विधिक सहायता, महिलाओं से संबंधित कानून, सुरक्षा प्रावधान तथा संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों की विस्तृत जानकारी दी गई।
सचिव राम किशन शर्मा ने बताया कि कानूनन महिलाओं को निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने का अधिकार है। यदि कोई महिला किसी कानूनी मामले में अधिवक्ता का खर्च वहन करने में असमर्थ है, तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उन्हें निशुल्क अधिवक्ता और कानूनी परामर्श उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने महिलाओं को घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम, कार्यस्थल पर उत्पीड़न, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और दहेज निषेध कानून सहित विभिन्न महिला-केंद्रित कानूनों की सरल भाषा में जानकारी दी। साथ ही यह भी बताया कि किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में शिकायत कहाँ और किस प्रकार दर्ज कराई जा सकती है।
शिविर में भारतीय संविधान के तहत महिलाओं को प्राप्त समानता, स्वतंत्रता और गरिमा के साथ जीवन जीने के मौलिक अधिकारों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। 'नारी संवाद एवं सामुदायिक समाधान मंच' के माध्यम से उपस्थित महिलाओं ने अपनी समस्याएं और शंकाएं सचिव राम किशन शर्मा के समक्ष रखीं, जिनका मौके पर ही विधिक समाधान सुझाया गया। उन्होंने महिलाओं से समाज में होने वाले अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि कानून को अपना मददगार समझें, डर का कारण नहीं।
कार्यक्रम के समापन पर सभी महिलाओं को विधिक जागरूकता से संबंधित आईईसी (IEC) सामग्री और पम्फलेट वितरित किए गए, ताकि वे अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक कर सकें। इस अवसर पर न्यायालय स्टाफ, विधिक स्वयंसेवक (PLVs) तथा विभिन्न महिला संगठनों की प्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता भी उपस्थित रहीं।

Pratahkal Bureau
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