डीग: मनरेगा के वजूद पर मंडराते संकट को लेकर कांग्रेस का हल्लाबोल, राजीव चौधरी ने केंद्र की नीतियों को बताया 'बेरोजगारी का जाल'
डीग में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव सिंह चौधरी के नेतृत्व में 'मनरेगा बचाओ संग्राम' के तहत जोरदार जन आंदोलन हुआ। रैली और नुक्कड़ सभाओं के जरिए मोदी सरकार द्वारा मनरेगा के बजट और अधिकारों में कटौती के खिलाफ श्रमिकों को जागरूक किया गया। साथ ही भरतपुर रियासत दिवस के अवकाश बदलाव और बढ़ती बेरोजगारी पर भी केंद्र को घेरा गया।

डीग। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आज डीग जिले की धरा 'मनरेगा बचाओ संग्राम' के नारों से गूंज उठी। जिला कांग्रेस कमेटी डीग के अध्यक्ष राजीव सिंह चौधरी के नेतृत्व में आयोजित इस जन आंदोलन ने न केवल केंद्र सरकार की नीतियों को कटघरे में खड़ा किया, बल्कि ग्रामीण श्रमिकों के हक की लड़ाई को एक नई धार दी। मतदाता जागरूकता रैली के रूप में निकले इस सैलाब ने ग्राम पंचायत बोरई, सेह, बाबैन, चौकीपूरा, कंचनपुरा और रुध हेलक के विभिन्न मजरों से गुजरते हुए मोदी सरकार पर मनरेगा की आत्मा को कुचलने का सीधा आरोप जड़ा।
कार्यक्रम का आगाज जिला कलेक्टर द्वारा भरतपुर रियासत दिवस (बसंत पंचमी) के अवकाश को बदलकर गणेश चतुर्थी करने के निर्णय पर कड़े विरोध के साथ हुआ। राजीव चौधरी ने इसे भरतपुर वासियों के आत्मसम्मान और गौरवशाली इतिहास पर चोट बताते हुए जनमानस को उद्वेलित किया। उन्होंने बेरोजगारी को एक वैश्विक कैंसर की संज्ञा देते हुए कहा कि विकसित और विकासशील देशों के बीच भारत का युवा आज सबसे भीषण संकट से गुजर रहा है। सीएमआईआई के आंकड़ों का हवाला देते हुए चौधरी ने बताया कि राजस्थान में करीब 65 लाख बेरोजगार हैं और प्रदेश की बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत 4.63 प्रतिशत से कहीं अधिक है, जो एक चिंताजनक संकेत है।
चौधरी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि एनसीआर के मानदंडों का लाभ उठाकर भरतपुर में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, हनी प्रोसेसिंग, ऑयल इंडस्ट्री और फूड प्रोसेसिंग जैसे बड़े उद्योग लगाए जा सकते थे, लेकिन सरकार की विफलता ने युवाओं को पलायन पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने मनरेगा में न्यूनतम मजदूरी के अधिकार को छीनने और पंचायतों को दरकिनार कर राज्यों पर आर्थिक बोझ डालने की नीति को गरीब विरोधी करार दिया।
इस जन आंदोलन और नुक्कड़ सभाओं में डीग महिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती श्वेता यादव, गजराज सिंह पैंगोर, प्रेम सिंह प्रजापत और जुगल किशोर शर्मा ने भी केंद्र की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की। बोरई से चंद्रशेखर और राजू मीना, सेह से हंडू सिंह व पूर्व सरपंच लकखो, बाबैन से पूर्व सरपंच बलवीर सिंह, और बेलारा से पूर्व सरपंच पंडित ज्वाला प्रसाद व नंदकिशोर सिनसिनवार ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को मजबूती प्रदान की। साथ ही पिंटू सबौरा, वीरेंद्र सिंह इंदु, रुध हेलक के पूर्व सरपंच राजेश जाटव, साहब सिंह पिचगाईं, अनिरुद्ध बांसरोली, भटवाली, कपूर बेलारा और कृष्णा शर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने इस संकल्प को दोहराया कि मनरेगा श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस हर स्तर पर संघर्ष करेगी।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
