मनरेगा बजट में कटौती के विरोध में डीग में कांग्रेस का विशाल धरना
केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा बजट और अधिकारों में कटौती के विरोध में डीग में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब अंबेडकर मूर्ति स्थल पर धरना दिया।

डीग में मनरेगा बजट में कटौती और नियमों में बदलाव के खिलाफ बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर मूर्ति स्थल पर विरोध प्रदर्शन करते कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता।
डीग, 2 फरवरी: राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देशानुसार 2 फरवरी सोमवार को दोपहर 12 बजे से बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर मूर्ति स्थल के सामने डीग में कांग्रेस कमेटी डीग के अध्यक्ष राजीव सिंह चौधरी व जिला प्रभारी राजेश चौधरी के निर्देशन में भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय सरकार द्वारा मनरेगा योजना और महात्मा गांधी ग्रामीण गारंटी रोजगार अधिनियम 2005 में किए हुए बदलावों के विरोध में एक विशाल धरना आयोजित किया गया।
मनरेगा के बजट और अधिकारों में कटौती पर रोष
इस धरने में वक्ताओं ने केंद्रीय सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदु उठाए:
- "जो पहले 90% राशि केंद्रीय सरकार द्वारा वहन की जाती थी उसे घटाकर अब 60% कर दिया गया है।"
- "मनरेगा के काम अब ग्राम पंचायतों के द्वारा निर्धारित न होकर केंद्र सरकार की कमेटिया निर्धारित करेंगी।"
- "ग्रामीण मजदूरों का अधिकार छीनकर ठेकेदारों को दे दिया गया है।"
- "15 दिन के अंतर्गत जो 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित था और यदि वह नहीं मिलता तो बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान था।"
इस योजना में अब तक 180 करोड़ दिवसों का सृजन हुआ था तथा 10 करोड़ से ज्यादा ग्रामीण संरचनात्मक कार्य हुए थे यह योजना कोरोना काल में समाज के लिए रीढ़ की हड्डी साबित हुई थी, 5 से 6 लाख करोड़ परिवारों को इस योजना से लाभान्वित किया गया।
केंद्रीय बजट 2026-27 और आर्थिक विश्लेषण
धरने के दौरान वक्ताओं ने वर्तमान बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा:
- वर्तमान बजट में भी कृषि और ग्रामीण क्षेत्र को केंद्रीय सरकार द्वारा दरकिनार किया गया है, बजट निराशाजनक है इसकी वजह से शेयर बाजार का सूचकांक 1550 अंक गिर गया था।
- आर्थिक विश्लेषण में अमेरिका की दंडात्मक नीति तथा चीन की आयात निर्यात में घाटा निजी क्षेत्र के निवेश में जो बढ़ावा नहीं मिल रहा है उसमें कोई बढ़ावा नहीं दिया गया है।
- इनकम टैक्स के स्लैब नहीं बदले हैं, GST के स्लैब में किसान और युवाओं की आवश्यक चीजों पर कोई राहत नहीं दी गई है।
भारत सरकार ने वर्ष 2026-27 का अनुमानित बजट करीब 53 लाख करोड़ खर्चा अनुमानित किया है, लेकिन उसमें विशेषकर राजस्थान के लिए रोजगार की, रेल की, स्वास्थ्य और शिक्षा की जैसी परियोजना की घोषणा नहीं की है।
राजस्थान की अनदेखी और वित्तीय स्थिति
"जिससे कि राजस्थान का नागरिक अपने आप को केंद्र की धारा में जुड़ा हुआ महसूस करे उल्लेखनीय है कि भारत सरकार का राजस्व पिछले वर्ष की तुलना में 7.2% बढ़ा है, लेकिन मनरेगा और ग्रामीण विकास के लिए बजट का वांछित प्रावधान नहीं किया गया है।"
राजस्थान सरकार की माली हालत खराब है और उसपे करीब 7.5 लाख करोड़ का कर्ज है। इस धरने में केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में किए जाने वाले बदलावों तथा इस वित्तीय वर्ष में राजस्थान की जनता को दरकिनार किया गया है।
धरने में उपस्थित कांग्रेसजन
इस कार्यक्रम में निम्नलिखित कांग्रेसजन उपस्थित हुए:
जलीश खान (पूर्व प्रधान), ब्लॉक अध्यक्ष भवानी शंकर खोह, सुघड़ सिंह, प्रकोष्ठों के अध्यक्ष अशोक शर्मा, रामस्वरूप प्रभाती, महमुदा खान, प्रेम सिंह प्रजापत, पूरन सिंह बडेसरा, श्री चंद गौड़, यदुवीर सिनसिनी, कमल सिंह गड़सिया, श्री ज्वाला प्रसाद सरपंच बैलारा, अनुराग पला, नंदकिशोर सिनसिनवार बैलारा, श्वेता यादव (महिला कांग्रेस अध्यक्ष), सुरेश पूंछरी, शिवा गाजिया, विक्रम सिंह, रवि सोनी, गोपाल प्रसाद शर्मा, श्रीमती कमलेश पूर्व प्रधान, प्रताप मेहरावर, पवन प्रधान जी, गजराज सिंह पैंगोर मंडल अध्यक्ष, कर्मवीर पैंगोर, दुर्गेश उपसरपंच पैंगोर, राकेश मानोता, श्रीकांत, मोहन सिंह गुर्जर जिला परिषद सदस्य, ओमप्रकाश सरपंच नगला मांझी, धर्मेंद्र पैंगोर, चंद्रशेखर बोरई, वीरेंद्र इंदु, रघुवीर पटवारी, गोपाल लवानिया, इकबाल कांग्रेस उपाध्यक्ष कामां, अली मोहब्बद, पिंटू सबौरा, अजय भटावली, फ़ज्जर खा ब्लॉक अध्यक्ष कामां, राहुल सोनी।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
