छात्रों की शिक्षा और रोजगार संकट पर कांग्रेस का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम, राहुल गांधी के संदेश का किया गया प्रसारण
डीग में कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं और बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए गए। राहुल गांधी के संदेश के प्रसारण के बीच युवाओं के भविष्य को लेकर कई अहम बातें सामने आईं।

डीग के गुरु आशीष स्कूल में 25 जून 2026 को जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित "छात्रों की गूंज" कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारी, कार्यकर्ता और प्रोजेक्टर के माध्यम से राहुल गांधी का संबोधन सुनते लोग।
देश में शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं और बढ़ती बेरोजगारी को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को डीग में “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम का आयोजन किया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में राहुल गांधी के संबोधन और प्रस्तुतीकरण का प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रसारण किया गया। कार्यक्रम गुरु आशीष स्कूल, मेला ग्राउंड, डीग में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक, शिक्षाविद, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।
जिला कांग्रेस कमेटी डीग के अध्यक्ष राजीव चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश वर्तमान समय में गंभीर शिक्षा एवं रोजगार संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अक्षमता ने शिक्षा व्यवस्था के विभिन्न स्तरों को प्रभावित किया है, जिसका सबसे अधिक प्रभाव युवाओं पर पड़ रहा है। उन्होंने प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं, परीक्षाओं के रद्द होने, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और बढ़ती बेरोजगारी को लेकर केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
राजीव चौधरी ने राहुल गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं—एसएससी, यूपीएससी, आरआरबी, जेईई और नीट—के अभ्यर्थियों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि यह व्यवस्था युवाओं को अवसर प्रदान करने के बजाय उन्हें लगातार प्रतिस्पर्धा और असफलता के दबाव में धकेल रही है। उनके अनुसार शिक्षा प्रणाली चयन की बजाय अस्वीकृति का माध्यम बनती जा रही है, जिससे युवाओं में निराशा और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
कार्यक्रम में कांग्रेस नेता जलिश खान ने कहा कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली युवाओं की रचनात्मकता और नवाचार की संभावनाओं को सीमित कर रही है तथा उन्हें कुछ चुनिंदा पेशों तक ही केंद्रित कर देती है। वहीं, कांग्रेस के प्रभारी देशराज मीणा ने कहा कि सीमित रिक्तियों के मुकाबले लाखों अभ्यर्थियों की प्रतिस्पर्धा युवाओं के लिए गंभीर चुनौती बन गई है।
जिला पार्षद मोहन सिंह गुर्जर ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का प्रतिशत अत्यंत कम होने के कारण बड़ी संख्या में युवाओं को निराशा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बेरोजगारी और गिग इकोनॉमी की ओर बढ़ते रुझान का भी उल्लेख किया। ब्लॉक अध्यक्ष पंकज भूषण ने अभिभावकों की चिंताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि बच्चों के भविष्य को लेकर परिवारों में लगातार तनाव का माहौल बना हुआ है।
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी द्वारा सुझाए गए शिक्षा सुधार संबंधी विचारों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं को पारंपरिक करियर विकल्पों से आगे बढ़कर अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिलना चाहिए तथा शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुलभ और कम खर्चीला बनाया जाना चाहिए।
ब्लॉक अध्यक्ष भवानी शंकर ने राज्य सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी टिप्पणी करते हुए विभिन्न मुद्दों को उठाया। उन्होंने डीग जिले में कानून-व्यवस्था, पुलिस कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मामलों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों में आमजन को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष सुघड़ सिंह, फज्जर खान, देवेंद्र सिंह, राजकुमार कठेरा, प्रेम सिंह प्रजापत, रघुवीर, राजेश मीणा, राहुल सोनी, एम. जुबैर खान, मिट्ठू सांखला, मूलचंद पोहिया, पुरान बडेसरा, गजराज पेंघौर, अनुराग पला, नरेंद्र मीणा, विक्रम वकील, भरतलाल सैन, कमल सिंह, अजय भटवाली, सिद्धू रारह, नवीन फौजदार, गुलाब भटवाली, प्रशांत रारह, हरिओम रारह, रामवीर रारह, करन सिंह पूछरी सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए युवाओं और अभिभावकों के बीच संवाद स्थापित करने का प्रयास किया। यह आयोजन प्रदेश स्तर पर चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा रहा, जिसके जरिए पार्टी शिक्षा और रोजगार संबंधी चुनौतियों को सार्वजनिक विमर्श का विषय बनाने का प्रयास कर रही है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
