डीग, 17 मार्च। ग्रामीण अंचल की समस्याओं के धरातलीय निस्तारण और प्रशासन की पहुंच अंतिम छोर तक सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को उपखंड कामां के ग्राम उदाका में जिला कलेक्टर उत्सव कौशल की अध्यक्षता में भव्य रात्रि चौपाल का आयोजन संपन्न हुआ। जनसुनवाई के इस विशेष सत्र का मूल ध्येय आमजन की व्यथाओं को निकटता से सुनकर विभागीय समन्वय के माध्यम से उनका पारदर्शी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर जनविश्वास को सुदृढ़ करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए।

रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणजनों ने जनहित एवं व्यक्तिगत महत्व के विविध परिवाद प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किए। इन मांगों में मुख्य रूप से अन्नपूर्णा रसोई योजना के लंबित भुगतानों की प्रक्रिया को सुचारू करने, निष्क्रिय राशन कार्डों को पुनः क्रियाशील कर उनमें नए सदस्यों के नाम जोड़ने तथा पात्र परिवारों को सुगमता से घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के विषय प्रमुखता से छाए रहे। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की स्वीकृति, श्मशान घाट परिसर में टीन शेड निर्माण, सुगम आवागमन हेतु नवीन रास्तों के निर्माण तथा निजी खातेदारी भूमि से नियमानुसार मार्ग प्रशस्त करवाने जैसे गंभीर मुद्दों पर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया। क्षेत्र में गहराते पेयजल संकट पर चिंता व्यक्त करते हुए चंबल पेयजल परियोजना की आपूर्ति पुनः बहाल करने तथा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली अवैध मदिरा की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग भी पुरजोर तरीके से उठाई गई।

जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने ग्रामीणों की प्रत्येक समस्या को अत्यंत धैर्यपूर्वक सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन आमजन की कठिनाइयों के प्रति पूर्णतः संवेदनशील है। उन्होंने प्राप्त परिवादों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए मौके पर मौजूद संबंधित विभागीय अधिकारियों को अत्यंत संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने तथा परिवादियों को त्वरित राहत प्रदान करने के कड़े दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देशित किया कि जनसमस्याओं का केवल कागजी निस्तारण स्वीकार्य नहीं होगा, बल्कि धरातल पर उनका वास्तविक समाधान दिखना चाहिए।

इस अवसर पर उपखंड प्रशासन सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति रही। जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। रात्रि चौपाल के इस सफल आयोजन ने न केवल प्रशासन और जनता के मध्य प्रत्यक्ष संवाद के द्वार खोले, बल्कि पारदर्शी सुशासन की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर भी स्थापित किया।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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