डीग शहर में अतिक्रमण पर चला पीला पंजा: प्रशासन की सख्ती से थर्राए अवैध कब्जाधारी
डीग शहर में बढ़ते अतिक्रमण और भीषण जाम से राहत दिलाने के लिए नगर परिषद ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। आयुक्त कुलदीप सिंह के नेतृत्व में गणेश मंदिर से लक्ष्मण मंदिर तक जेसीबी चलाकर अवैध चबूतरे और टीनशेड ध्वस्त किए गए। प्रशासन की इस सख्त चेतावनी और कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप मच गया है। पूरी खबर पढ़ें कि कैसे प्रशासन ने सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराया।

डीग। ऐतिहासिक नगरी डीग की सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण दम तोड़ती यातायात व्यवस्था को बहाल करने के लिए नगर परिषद ने गुरुवार को कड़ा रुख अख्तियार किया। शहर के व्यस्ततम नई सड़क क्षेत्र में सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नगर परिषद की टीम भारी लाव-लश्कर और जेसीबी के साथ सड़कों पर उतरी। गणेश मंदिर से लेकर लक्ष्मण मंदिर तक के मुख्य मार्ग को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा अभियान चलाया, जिससे अवैध कब्जा करने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया।
लंबे समय से स्थानीय निवासियों और राहगीरों को इस मार्ग पर घंटों लगने वाले जाम और संकरी होती सड़कों के कारण भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। जनभावनाओं और बढ़ती अव्यवस्था को संज्ञान में लेते हुए नगर परिषद आयुक्त कुलदीप सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई अमल में लाई गई। अभियान के दौरान दुकानदारों द्वारा अपनी सीमाओं से बाहर निकलकर बनाए गए अवैध चबूतरों और सड़कों तक झुकी टीनशेडों को जेसीबी की मदद से जमींदोज कर दिया गया। देखते ही देखते सड़क अपनी असली चौड़ाई में नजर आने लगी।
नगर परिषद आयुक्त कुलदीप सिंह ने इस मौके पर दो टूक शब्दों में दुकानदारों को चेतावनी दी कि सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी दुकानदार ने पुनः अतिक्रमण करने का दुस्साहस किया, तो उसके खिलाफ न केवल कानूनी कार्रवाई की जाएगी, बल्कि भारी जुर्माना भी वसूला जाएगा। आयुक्त ने व्यापारियों से अपील की कि वे शहर के विकास और सुगम यातायात के लिए नगर परिषद का सहयोग करें और स्वेच्छा से सड़कों को साफ रखें।
इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए गौरव जांगिड़, राजाराम गुर्जर और सफाई निरीक्षक नीटू पाराशर सक्रिय रहे। साथ ही यादराम वाल्मीकि, ओमप्रकाश जमादार, लख्मी जमादार सहित नगर परिषद के अन्य कार्मिकों ने भी मुस्तैदी के साथ अपनी भूमिका निभाई। प्रशासन के इस कड़े कदम ने यह संदेश साफ कर दिया है कि डीग शहर की सुंदरता और जनता की सुविधा से खिलवाड़ करने वालों पर कानून का डंडा इसी तरह चलता रहेगा।

