डीग: भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए बच्चों ने बांधे परिंडे
डीग जिले में मासूम बच्चों ने अपनी पॉकेट मनी से पक्षियों के लिए परिंडे लगाकर और नियमित पानी भरने का संकल्प लेकर मानवता की मिसाल पेश की है।

राजस्थान के डीग जिले में भीषण गर्मी के बीच पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए पेड़ पर मिट्टी का परिंडा बांधते हुए जीनल साहू (बाएं) और तविश साहू (दाएं)।
भीषण गर्मी में प्यासे पक्षियों की जान बचाने के लिए पानी की व्यवस्था करना एक पुनीत कार्य बन गया है, जिसे डीग जिले के छोटे मासूम बच्चों ने अपने स्तर पर सार्थक रूप दिया है। छायादार पेड़ों पर मिट्टी के परिंडे बांधकर और उन्हें नियमित साफ कर रोज ताजा पानी भरने का संकल्प लेकर इन बच्चों ने बेजुबान पक्षियों को जीवनदान देने की दिशा में उल्लेखनीय पहल की है।
गर्मी के मौसम में अत्यधिक तापमान का काल प्रारंभ हो चुका है, जो मानव के साथ-साथ सभी पशु-पक्षियों के लिए भी कष्टप्रद साबित हो रहा है। ऐसे समय में जब प्राकृतिक जलस्रोत सूख जाते हैं, तब बेजुबान पक्षियों को पानी की तलाश में इधर-उधर भटकना पड़ता है। इसी समस्या को समझते हुए डीग जिले में बच्चों ने संवेदनशीलता का परिचय दिया है। यह पहल दर्शाती है कि बेजुबान परिंदों की सेवा ही मानवता का एक सशक्त उदाहरण है।
सरकार द्वारा आमजन को जागरूक करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और विभिन्न स्थानों पर सरकारी तथा निजी भामाशाहों द्वारा पानी की प्याऊ भी लगाई जा रही हैं, लेकिन पशु-पक्षियों के जीवन से जुड़ा पहलू अक्सर नजरअंदाज हो जाता है। ऐसे में गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी छोटे-छोटे बच्चे जीनल साहू और तविश साहू ने अपनी पॉकेट मनी से मूक-बधिर पक्षियों के लिए कई स्थानों पर परिंडे बांधे हैं और प्रतिदिन उनमें पानी डालने का संकल्प लिया है।
अपने पिता एवं पूर्व गौ सेवा प्रमुख केदार साहू के साथ ये बच्चे रोजाना लगाए गए परिंडों में पानी भरने का कार्य कर रहे हैं। यह पहल न केवल अनुकरणीय है बल्कि समाज के लिए प्रेरणादायक भी है। अक्सर देखा जाता है कि लोग फोटोग्राफ के उद्देश्य से परिंडे लगा देते हैं, लेकिन उनमें नियमित पानी डालने का कर्तव्य भूल जाते हैं। इसके विपरीत, ये बच्चे निस्वार्थ भाव से निरंतर अपने लगाए परिंडों की देखभाल कर रहे हैं।
जिस उम्र में बच्चे खिलौनों से खेलते हैं, उस उम्र में पर्यावरण के प्रति इस तरह की संवेदनशीलता एक मिसाल प्रस्तुत करती है और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती है। सामूहिक प्रयासों से पशु-पक्षियों के लिए अधिक से अधिक पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है, जिससे इस भीषण गर्मी में किसी भी जीव को प्यास के कारण अपने प्राण न त्यागने पड़ें।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
