डीग के बहज गांव में अधूरे रास्ते पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, महिला-पुरुष पानी की टंकी पर चढ़े
डीग जिले के बहज गांव में अधूरे रास्ते और बरसात में कीचड़ की समस्या से नाराज ग्रामीणों ने पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना पर पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे की समझाइश और आश्वासन के बाद ग्रामीण नीचे उतरे, लेकिन रास्ते के निर्माण की मांग अब भी बरकरार है।

तस्वीर में डीग जिले के बहज गांव में रास्ते की समस्या को लेकर पानी की टंकी पर प्रदर्शन करते हुए ग्रामीण नजर आ रहे हैं।
डीग, 22 जुलाई। डीग जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव बहज में वर्षों से अधूरे पड़े रास्ते और बरसात के दौरान कीचड़ की गंभीर समस्या को लेकर बुधवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। समस्या के समाधान की मांग को लेकर महिला और पुरुष गांव की पानी की टंकी पर चढ़ गए। अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन से प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास शुरू किया।
बुधवार दोपहर करीब एक बजे ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़कर रास्ते के निर्माण की मांग पर अड़ गए। उनका कहना था कि जब तक प्रशासन की ओर से रास्ता बनवाने का स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया जाएगा, तब तक वे नीचे नहीं उतरेंगे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि करीब चार वर्ष पहले रास्ते की खुदाई कर उसे अधूरा छोड़ दिया गया था। इसके बाद आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, जिससे बरसात के दिनों में पूरा रास्ता कीचड़ से भर जाता है और लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के बच्चे प्रतिदिन इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं, जबकि बुजुर्गों और महिलाओं को भी आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के मौसम में कई बार लोग फिसलकर घायल हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
मामले की सूचना मिलने पर कोतवाली थाना प्रभारी हीरालाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत करने का प्रयास किया। इसके बाद गांव के सरपंच प्रशासक सुभाष बाबू भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि रास्ते की समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा। कोतवाली के एसआई मंगतू सिंह ने भी ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाया।
करीब एक घंटे तक चली समझाइश और प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद ग्रामीण पानी की टंकी से नीचे उतरने को तैयार हुए।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में यह रास्ता गांव की सबसे बड़ी समस्या बन जाता है। ऐसे में प्रशासन को जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कर लोगों को राहत दिलानी चाहिए।

