डीग:

शहर के मेला मैदान में अपनी 3 सूत्रीय जायज मांगों को लेकर मुखर हुईं आशा सहयोगिनियों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन आज 9वें दिन भी पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहा। अपनी आवाज को बुलंद करते हुए आंदोलनकारी आशा सहयोगिनियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह उनके हक और अधिकारों की आर-पार की लड़ाई है, जिसे वे एकजुट होकर अंतिम अंजाम तक लड़ेंगी।

धरना स्थल पर मौजूद भीड़ को संबोधित करते हुए आशा सहयोगिनी सुनीता सिनसिनवार ने प्रशासनिक और सरकारी तंत्र को स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे कदम पीछे नहीं हटाएंगी और धरना स्थल से बिल्कुल नहीं हटेंगी। इस दौरान सभी प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों के समर्थन में माहौल को पूरी तरह गर्मा दिया। धरने पर बैठीं आशा सहयोगिनियों ने एक सुर में दोहराया कि उनका यह आंदोलन तब तक थमने वाला नहीं है, जब तक सरकार उनकी मांगों पर कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं ले लेती। इस गतिरोध के बढ़ने से अब स्थानीय प्रशासन पर दबाव साफ देखा जा रहा है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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