डीग: एडीएम ने धमारी में सुनी जन समस्याएं, पात्रों को बांटे आवासीय पट्टे
धमारी ग्राम पंचायत में रात्रि चौपाल के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने जल निकासी और सड़क मरम्मत के निर्देश देते हुए ग्रामीणों को पट्टे वितरित किए।

डीग जिले की ग्राम पंचायत धमारी में आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों को आवासीय पट्टे सौंपते अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां।
डीग, 06 फरवरी। अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां ने जिले की ग्राम पंचायत धमारी के राजीव गांधी सेवा केंद्र में रात्रि चौपाल का आयोजन कर आमजन की समस्याओं का विस्तार से श्रवण किया और मौके पर ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को उनके प्रभावी समाधान हेतु निर्देशित किया।
प्रशासन की प्राथमिकता और संवेदनशीलता
प्रशासन की इस सीधी जनसुनवाई के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने पारदर्शिता और संवेदनशीलता पर बल देते हुए स्पष्ट किया कि "राजकीय सेवाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुँचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।" इस अवसर पर उन्होंने ग्राम धमारी के चार पात्र परिवारों को आवासीय पट्टे भी वितरित किए, जो उनके वर्षों पुराने आशियाने को वैधानिक पहचान प्रदान करेंगे।
जन-समस्याएं एवं त्वरित समाधान के निर्देश
चौपाल के दौरान परिवादियों द्वारा विभिन्न विकास कार्यों और जन-सुविधाओं से जुड़ी मांगें एवं शिकायतें प्रस्तुत की गईं:
- धमारी से पोखर वाले मार्ग: परिवादी सुमित ने मार्ग पर स्थित पुल की चौड़ाई कम होने के कारण वाहनों के आवागमन में होने वाली असुविधा से अवगत कराते हुए इसके चौड़ीकरण की मांग की, जिस पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को वस्तुस्थिति का परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया।
- जल निकासी की समस्या: परिवादी रामगीत ने गांव के गंदे पानी की निकासी हेतु बनी नालियों के सिंचाई विभाग के पुल के समीप अवरुद्ध होने की समस्या उठाई, जिससे मुख्य मार्ग पर जलभराव की स्थिति निर्मित हो रही थी। अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने इस विसंगति को गंभीरता से लेते हुए सिंचाई विभाग को नालियों के पुनरुद्धार और जल निकासी सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।
- मुख्य मार्ग की मरम्मत: रामनिवास द्वारा धारा मोड़ से ग्राम धमारी तक मुख्य मार्ग की जर्जर अवस्था और कीचड़ की समस्या को प्रमुखता से उठाए जाने पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने अधिशाषी अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग को तत्काल प्रभाव से सड़क की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के निर्देश जारी किए।
आवासीय पट्टे के लाभ और जन-जागरूकता
कार्यक्रम के दौरान पट्टों का वितरण करते हुए अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां ने आमजन को आवासीय भूमि पट्टा के बहुआयामी फायदों के बारे में विस्तार से जागरूक किया। उन्होंने बताया कि "पट्टा प्राप्त होने से न केवल संपत्ति का वैधानिक मालिकाना हक सुनिश्चित होता है, बल्कि यह भविष्य में विभिन्न वित्तीय संस्थाओं और बैंकों से ऋण प्राप्त करने हेतु एक आवश्यक दस्तावेज के रूप में भी कार्य करता है।" इसके माध्यम से परिवार अपने पुराने मकानों के पुननिर्माण हेतु सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं और किसी भी कानूनी विवाद की स्थिति में यह दस्तावेजी प्रमाण के रूप में अत्यंत सहायक सिद्ध होता है।
अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण की हिदायत
उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे प्रशासन द्वारा आयोजित इन शिविरों और चौपालों का अधिकतम लाभ उठाकर अपनी संपत्तियों का वैधीकरण कराएं। रात्रि चौपाल में उपस्थित अन्य विभागीय अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया कि वे प्राप्त परिवादों को लंबित न रखकर समयबद्ध तरीके से निस्तारित करें, ताकि आमजन को राहत मिल सके।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
