डीग, 05 जनवरी। त्याग, तपस्या और शौर्य के प्रतीक सिखों के दसवें गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज का 359वां प्रकाश पर्व सोमवार को बृजनगर विधानसभा क्षेत्र में अपार श्रद्धा और राष्ट्र-भक्ति के ज्वार के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर राजस्थान सरकार के गृह, गौपालन, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने क्षेत्र के ग्राम सादपुरी और पुनांय स्थित गुरुद्वारों में पहुंचकर मत्था टेका और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मंत्री बेढ़म का यह प्रवास किसी राजकीय औपचारिकता या लवाजमे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने एक विनम्र सिख (शिष्य) की भांति गुरु दरबार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर सामाजिक समरसता की एक नई मिसाल पेश की।

गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष नतमस्तक होते हुए गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने संगत को संबोधित करते हुए एक ओजस्वी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन मानवता के इतिहास का वह स्वर्णिम अध्याय है, जो हमें धर्म और मूल्यों की रक्षा के लिए सर्वस्व अर्पण करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने रेखांकित किया कि जिस महापुरुष ने देश और धर्म की रक्षा के लिए अपने चार साहिबजादों तक का बलिदान कर दिया, उनके दिखाए मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि 'राष्ट्र-सेवा' ही वर्तमान समय का परम धर्म और ईश्वर की सबसे बड़ी पूजा है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि जब राष्ट्र की अस्मिता का प्रश्न आए, तो खुद को न्योछावर करने का जज्बा ही भारत को पुनः विश्व गुरु के सिंहासन पर आसीन करेगा।

आयोजन के दौरान एक अत्यंत भावुक और प्रेरक क्षण तब आया जब गृह राज्य मंत्री ने सत्ता के प्रोटोकॉल को दरकिनार कर एक सेवादार की भूमिका अपनाई। उन्होंने गुरुद्वारे के लंगर में स्वयं कड़ाही में कड़छी चलाई और पंगत में बैठे श्रद्धालुओं को अपने हाथों से प्रसादी वितरित की। उनकी इस विनम्रता ने वहां उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया और यह संदेश प्रसारित किया कि गुरु के द्वार पर हर व्यक्ति समान है। इस दौरान पूरा वातावरण 'बोले सो निहाल, सत श्री अकाल' और 'वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह' के जयकारों से गूंज उठा।

सिख समाज के प्रबुद्ध जनों और ग्रंथियों ने गृह राज्य मंत्री का आत्मीय अभिनंदन किया। समाज की ओर से उन्हें सिरोपा ओढ़ाकर और शक्ति एवं न्याय का प्रतीक 'शमशीर' (कृपाण) भेंट की गई। यह सम्मान इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहा कि वर्तमान में प्रदेश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का दायित्व उन्हीं के कंधों पर है। मंत्री बेढ़म ने पूरी श्रद्धा के साथ शमशीर को माथे से लगाकर गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पूरन प्रकाश बंसल, सिख समाज के वरिष्ठ नागरिक और भारी संख्या में युवा एवं मातृ-शक्ति उपस्थित रही। यह आयोजन न केवल धार्मिक श्रद्धा का केंद्र बना, बल्कि इसने राष्ट्र की एकता और अखंडता के संकल्प को भी नई ऊर्जा प्रदान की।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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